हजारीबाग में अनसुलझे हत्याकांड,आज भी पुलिस के लिए चुनौती बनी हैं कई बड़ी वारदातें
हजारीबाग:- जिले में हाल ही में दो मासूम भाई-बहन की संदिग्ध मौत के बाद एक बार फिर पुलिस की जांच प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। घटना के खुलासे में देरी से नाराज लोगों ने झंडा चौक पर प्रदर्शन कर न्याय की मांग की। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है और विभिन्न स्थानों पर छापेमारी जारी है।
हजारीबाग में इससे पहले भी कई ऐसे चर्चित हत्याकांड और संदिग्ध मौत के मामले सामने आए, जिनका खुलासा आज तक नहीं हो सका है।
माहेश्वरी परिवार मौत मामला
करीब आठ वर्ष पहले सदर थाना क्षेत्र के खजांची तालाब स्थित सीडीएम अपार्टमेंट में माहेश्वरी परिवार के छह सदस्यों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिले थे। मामले की जांच स्थानीय पुलिस से लेकर सीआईडी तक ने की, लेकिन आज तक घटना का रहस्य बरकरार है।
विश्वकर्मा परिवार अग्निकांड
लोहसिंघना थाना क्षेत्र के ओकनी स्थित विश्वकर्मा मोहल्ले में एक घर में आग लगने से सरोज विश्वकर्मा, उनकी पत्नी सोनम देवी और छह वर्षीय पुत्र आयुष की मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में कई संदिग्ध तथ्य सामने आए, लेकिन मामला अब भी अनसुलझा है।
पोता जंगल तिहरा हत्याकांड
मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पोता जंगल स्थित नदी से आदिल हुसैन, सानिया परवीन और खुशी के शव बरामद हुए थे। तीनों के लापता होने की शिकायत पहले ही दर्ज कराई गई थी। इस मामले ने भी काफी सुर्खियां बटोरीं, लेकिन पुलिस अब तक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है।
इन मामलों के अनसुलझे रहने से आम लोगों के बीच पुलिस की जांच क्षमता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। हालिया भाई-बहन मौत मामले के बाद भी लोगों की नजरें पुलिस की कार्रवाई और जांच के नतीजों पर टिकी हुई हैं।
Author: Rashtriy Samachar
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