JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का धरना छठे दिन भी जारी, सरकार के सामने रखीं 4 प्रमुख मांगें, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
रांची: जेपीएससी और जेएसएससी अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को छठे दिन भी जारी रहा। मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से शुरू हुआ आंदोलन अब जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंच गया है, जहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थी टेंट लगाकर प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में अभ्यर्थियों ने अपनी चार प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं और मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी।
अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह छात्रों के हितों से जुड़ा है और इसका किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि जो भी राजनीतिक दल, जनप्रतिनिधि या सामाजिक संगठन नैतिक समर्थन देना चाहते हैं, उनका स्वागत है।
अभ्यर्थियों की चार प्रमुख मांगें
पहली मांग: 14वीं जेपीएससी, 2023 एवं 2025 बैकलॉग नियुक्तियों को रद्द करने, टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं की सीबीआई और ईडी से जांच कराने तथा 11वीं से 13वीं जेपीएससी मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई।
दूसरी मांग: टीडीपीएल से जुड़े अधिकारी अभय तिवारी की कथित भूमिका की सीबीआई और ईडी से जांच कराते हुए मामले का 90 दिनों के भीतर फास्ट ट्रैक कोर्ट में निष्पादन करने की मांग की गई।
तीसरी मांग: जेपीएससी और जेएसएससी में व्यापक सुधार लागू करने की मांग की गई। इसमें आयोग में पारदर्शी नियुक्तियां, परीक्षाओं के लिए अलग-अलग एजेंसियों का चयन, लंबित एवं आगामी भर्तियों का कैलेंडर जारी करना, उत्तर पुस्तिकाओं की पारदर्शी जांच, कटऑफ और स्कोर कार्ड सार्वजनिक करना, आयु सीमा में संशोधन सहित कई सुधारात्मक सुझाव शामिल हैं।
चौथी मांग: अभ्यर्थियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती है तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
Author: Ashish Yadav
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