JPSC-JSSC विवाद: क्यों सड़कों पर उतरे झारखंड के अभ्यर्थी, क्या हैं आंदोलन की वजह और प्रमुख मांगें?
रांची: झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद गहराने के बाद हजारों अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह किसी राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं, बल्कि निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया, समय पर परीक्षा और युवाओं के भविष्य की लड़ाई है।
हाल के महीनों में भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े विवादों, जांच और परीक्षाओं के स्थगित होने के बाद अभ्यर्थियों का आक्रोश बढ़ता गया। इसी के विरोध में रांची में अनिश्चितकालीन धरना जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र शामिल हैं।
क्यों भड़का अभ्यर्थियों का आक्रोश?
अभ्यर्थियों के अनुसार 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम पर सवाल उठने के बाद कथित अनियमितताओं की जांच शुरू हुई। जांच के दौरान कई गिरफ्तारियां हुईं और JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांगते ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद प्रस्तावित 14वीं संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा समेत कई भर्ती परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं, जिससे अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ गया।
छात्रों का कहना है कि बार-बार परीक्षा टलने से उनकी तैयारी, आर्थिक स्थिति, आयु सीमा और भविष्य की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
क्या हैं अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें?
धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने सरकार से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई, स्थगित परीक्षाओं की नई तिथि घोषित करना, समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया लागू करना और भविष्य में भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली विकसित करना शामिल है।
आंदोलन को राजनीति से दूर रखने की अपील
आंदोलन कर रहे छात्रों ने स्पष्ट किया है कि उनका मंच किसी राजनीतिक दल का नहीं है। उनका कहना है कि नैतिक समर्थन का स्वागत है, लेकिन आंदोलन में किसी भी राजनीतिक दल का झंडा या राजनीतिक एजेंडा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भरोसा बहाल करने की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी लड़ाई केवल नौकरी पाने की नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में विश्वास बहाल करने की है। उनका मानना है कि निष्पक्ष परीक्षा, समय पर नियुक्ति और पारदर्शी व्यवस्था ही युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बना सकती है।
नोट: अभ्यर्थियों द्वारा लगाए गए आरोप और मांगें उनके पक्ष को दर्शाती हैं। संबंधित मामलों की जांच और अन्य प्रक्रियाएं सक्षम एजेंसियों एवं आयोगों के स्तर पर जारी हैं।
Author: Ashish Yadav
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