JPSC-JSSC छात्रों का उग्र विधानसभा मार्च, छठी बैरिकेडिंग भी टूटी; विधानसभा से करीब 100 मीटर दूर पहुंची भीड़
Ranchi: JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया। झारखंड के 24 जिलों से रांची पहुंचे छात्र तिरंगा, पोस्टर और बैनर लेकर नए विधानसभा भवन की ओर बढ़े। पुराने विधानसभा के पास प्रशासन की ओर से लगाए गए बैरिकेडिंग को पार करते हुए प्रदर्शनकारी लगातार आगे बढ़ते रहे।
ताजा जानकारी के मुताबिक, छात्रों ने छठी बैरिकेडिंग भी हटा दी है और अब वे विधानसभा भवन से करीब 100 मीटर की दूरी पर हैं। इससे पहले प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।
कच्चे और पहाड़ी रास्ते से विधानसभा की ओर बढ़े छात्र
मुख्य सड़क पर पुलिस की बैरिकेडिंग लगाए जाने के बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कच्चे और पहाड़ी रास्तों से होकर आगे बढ़ने लगे। छात्र जगन्नाथपुर मंदिर की ओर पहुंच गए और वहां से विधानसभा की दिशा में बढ़ने का प्रयास किया।
प्रदर्शनकारियों ने कुछ जगहों पर बैरिकेडिंग को खींचकर रास्ते से हटा दिया। इसके बाद वे बिना रुके आगे बढ़ते रहे। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और आंदोलन के प्रतिनिधियों की ओर से छात्रों से संयम बरतने की अपील की गई।
वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद भी आगे बढ़ते रहे छात्र
प्रशासन ने छात्रों को रोकने के लिए कई स्तर पर बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारी एक के बाद एक बैरिकेडिंग पार करते गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया, लेकिन इसके बावजूद छात्रों का एक बड़ा समूह आगे बढ़ता रहा।
वहीं, JPSC-JSSC रिफॉर्म मार्च के प्रतिनिधिमंडल ने लगातार छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन और धरना देने की अपील की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन की ओर से विधानसभा की तरफ आगे नहीं बढ़ने के अनुरोध को भी छात्रों तक पहुंचाया।
तीन स्तर की मानव श्रृंखला बनाकर रोकने का प्रयास
प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए रिफॉर्म मार्च के प्रतिनिधियों ने तीन स्तर की मानव श्रृंखला बनाई। इस दौरान छात्रों और प्रतिनिधिमंडल के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रतिनिधियों ने छात्रों से अपील की कि भीड़ में यदि कोई असामाजिक तत्व दिखाई देता है तो उसकी जानकारी मंच को दी जाए, ताकि उसे पुलिस के हवाले किया जा सके।
प्रतिनिधिमंडल की ओर से यह भी कहा गया कि मार्च को जगन्नाथपुर मंदिर तक ले जाकर वहां धरना दिया जाना प्रस्तावित है।
स्पाइडरमैन और वनमानुष की वेशभूषा में पहुंचे प्रदर्शनकारी
आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के बीच अलग-अलग अंदाज भी देखने को मिले। कुछ लोग स्पाइडरमैन और वनमानुष की वेशभूषा में पहुंचे और अपने साथ संदेश लिखे पोस्टर भी लेकर आए। प्रदर्शन स्थल पर फिल्म ‘पुष्पा’ से प्रेरित अंदाज में पहुंचे कुछ प्रदर्शनकारियों ने भी लोगों का ध्यान खींचा।
सड़क पर बैठे छात्र लगातार ‘वंदे मातरम’, ‘भारत माता की जय’ और अन्य नारे लगाते रहे।
पालकी में धरना स्थल पहुंचे देवेंद्रनाथ महतो
आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल कर रहे देवेंद्रनाथ महतो भी पालकी पर बैठकर धरना स्थल पर पहुंचे। उनके पहुंचने पर आंदोलनकारी छात्रों में उत्साह देखा गया।
इसी बीच भीड़ में एक प्रदर्शनकारी छात्र का मोबाइल फोन गिर गया। रिफॉर्म मंच की ओर से अपील की गई कि यदि किसी को मोबाइल फोन मिलता है तो उसे उसके मालिक तक पहुंचाया जाए।
तीन दौर की वार्ता के बाद भी नहीं निकला समाधान
छात्र आंदोलन की मुख्य वजह सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच वार्ता से निकला अधूरा समाधान बताया जा रहा है। पिछले दिनों सरकार के साथ तीन दौर की बातचीत हुई थी। इन बैठकों में परीक्षा रद्द करने, कथित अनियमितताओं की जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
हालांकि JSSC-CGL परीक्षा में CBI जांच की मांग पर सहमति नहीं बन सकी। सरकार की ओर से CBI जांच के स्थान पर अन्य विकल्पों पर विचार की बात कही गई, जबकि छात्र अपनी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय की मांग कर रहे हैं।
मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े छात्र
छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। इसी गतिरोध के बीच 10 अगस्त को विधानसभा मार्च का कार्यक्रम जारी रखा गया।
फिलहाल प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह विधानसभा के बेहद करीब पहुंच चुका है। प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की कोशिश जारी है। वहीं छात्रों की नजर अब सरकार की अगली कार्रवाई और उनकी मांगों पर होने वाले निर्णय पर टिकी है।
Author: Ashish Yadav
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