JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते गिरफ्तार, 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ी मामले में CID की बड़ी कार्रवाई
Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामले में की गई है।
एल. ख्यांग्ते ने 22 जुलाई को JPSC अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद मामले की जांच कर रही CID ने उन्हें समन जारी कर 28 जुलाई को पूछताछ के लिए बुलाया था। इसके बाद जांच एजेंसी ने उनसे कई चरणों में लंबी पूछताछ की।
तीन दौर में हुई लंबी पूछताछ
CID सूत्रों के अनुसार, पूर्व अध्यक्ष से पहले दिन करीब 8 घंटे, दूसरे दिन लगभग 9 घंटे और तीसरी बार 31 जुलाई को करीब 9 घंटे तक पूछताछ की गई थी। पूछताछ के दौरान परीक्षा प्रक्रिया, आयोग के स्तर पर लिए गए फैसलों और कथित अनियमितताओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटाई गई।
लगातार पूछताछ के बाद अब CID ने एल. ख्यांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी की कार्रवाई को मामले की जांच में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकारी आवास और JPSC कार्यालय में हुई थी छापेमारी
पूछताछ के लिए समन जारी किए जाने से पहले CID की टीम ने एल. ख्यांग्ते के कांके रोड स्थित सरकारी आवास और JPSC कार्यालय में उनके कक्ष की तलाशी ली थी। करीब पांच घंटे चली इस कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने कई दस्तावेजों की जांच की और जांच के लिए जरूरी साक्ष्य अपने कब्जे में लिए थे।
TDPL के कार्यालय में भी जांच
CID ने परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसी TSR Data Processing Private Limited (TDPL) के कार्यालय में भी तलाशी ली थी। JPSC कार्यालय से भर्ती परीक्षाओं से संबंधित दस्तावेज, OMR शीट और कंप्यूटर से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए थे।
इसके अलावा TDPL के कार्यालय से भी परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य सामग्री जांच एजेंसी ने अपने कब्जे में ली थी। इन दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर CID कथित अनियमितताओं की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी
इस मामले में CID की कार्रवाई लगातार जारी है। जांच एजेंसी अब तक JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से पांच आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।
CID का फोकस परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने पर है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अनियमितताओं में कौन-कौन लोग शामिल थे और परीक्षा प्रक्रिया के किस स्तर पर गड़बड़ी हुई।
पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और तेज होने की संभावना है। हालांकि, कथित आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।
Author: Ashish Yadav
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