खासमहल मैन्युअल के संशोधन तक दंडात्मक कार्रवाई पर रोक की मांग: अम्बा प्रसाद
हजारीबाग। खासमहल भूमि नीति को लेकर पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के ढाई दशक बाद भी खासमहल भूमि नीति को लेकर स्पष्टता नहीं बन पाई है, जिसका असर वर्षों से खासमहल पट्टे पर रह रहे लोगों पर पड़ रहा है।
अम्बा प्रसाद के अनुसार राज्य गठन के बाद से खासमहल मैन्युअल के नवीकरण और कई पट्टेदारों के लीज नवीकरण का मुद्दा लंबित है। उन्होंने कहा कि नीतिगत स्पष्टता के अभाव में पट्टाधारकों के बीच असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्पष्ट नियमावली और पारदर्शी प्रक्रिया के अभाव में कुछ मामलों में स्थानीय प्रशासन द्वारा पट्टेदारों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। उनके मुताबिक ऐसी स्थिति से आम लोगों में असमंजस और परेशानी बढ़ रही है।
अम्बा प्रसाद ने सरकार से मांग की कि खासमहल मैन्युअल में आवश्यक संशोधन कर लीज विस्तार की प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि जब तक विधिसम्मत नीति लागू नहीं होती, तब तक पट्टेदारों के खिलाफ जारी दंडात्मक प्रशासनिक कार्रवाई पर रोक लगाकर यथास्थिति बनाए रखी जाए।
उन्होंने कहा कि खासमहल भूमि से जुड़े मामलों में सरकार, प्रशासन और प्रभावित लोगों के बीच समन्वय स्थापित कर स्पष्ट नीति तैयार करने की आवश्यकता है।
Author: Ashish Yadav
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