अफीम की खेती से करें इंकार, चतरा प्रशासन ने चलाया नशा विरोधी जागरूकता अभियान
उपायुक्त रवि आनंद और एसपी अनिमेष नैथानी के नेतृत्व में गांव-गांव पहुंच रहा संदेश, अवैध खेती करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
Chatra:-। चतरा जिले में अफीम की अवैध खेती, नशे के सेवन और तस्करी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। झारखंड सरकार के निर्देश पर उपायुक्त रवि आनंद और पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी के नेतृत्व में रेजिस्ट अभियान चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से ग्रामीणों और किसानों को अफीम की खेती के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए वैकल्पिक एवं वैध खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
अभियान का नारा है— “समाज बढ़े आगे, खुश हो हर परिवार, अफीम की खेती से करें इंकार।” प्रशासन की ओर से जारी प्रचार सामग्री में अफीम की खेती से होने वाले सामाजिक, स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंधी नुकसान को प्रमुखता से बताया गया है।
अवैध खेती से समाज और पर्यावरण को नुकसान
प्रशासन के अनुसार, अफीम की अवैध खेती और कारोबार से संगठित अपराध को बढ़ावा मिल सकता है। इसके कारण सामाजिक अराजकता, हिंसा और अन्य असामाजिक गतिविधियों की आशंका बढ़ती है। वहीं, नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर गंभीर असर डाल सकता है। नशे की लत मानसिक स्वास्थ्य सहित कई अन्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
इसके अलावा, अफीम की खेती में जल और मिट्टी के अत्यधिक उपयोग से पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है तथा भूमि की उपजाऊ क्षमता प्रभावित हो सकती है। प्रशासन ग्रामीणों को इन दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर रहा है।
किसानों से वैकल्पिक खेती अपनाने की अपील
उपायुक्त रवि आनंद ने किसानों से अपील की है कि वे अफीम की खेती से दूर रहें और उसकी जगह वैकल्पिक तथा वैध फसलों की खेती अपनाएं। वहीं, पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने स्पष्ट किया है कि अवैध अफीम की खेती करने वालों के विरुद्ध कानून के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अभियान के तहत गांवों में जागरूकता गतिविधियों के साथ पुलिस और संबंधित टीमों द्वारा निगरानी की जा रही है, ताकि अवैध खेती पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
नशामुक्त समाज बनाने का आह्वान
जिला प्रशासन ने लोगों से सामूहिक रूप से नशे के खिलाफ आगे आने की अपील करते हुए संदेश दिया है— “ना खेती, ना सेवन, ना व्यापार, आओ अफीम की खेती का करें बहिष्कार।” अभियान में जरूरतमंदों को नशामुक्ति सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए राष्ट्रीय निःशुल्क नशा मुक्ति हेल्पलाइन नंबर 14446 पर संपर्क किया जा सकता है।
इस अभियान को तकनीकी सहयोग जरूरतमंद बाल संस्थान (सीआईएनआई) द्वारा दिया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य जागरूकता, निगरानी और कानूनी कार्रवाई के माध्यम से जिले को नशे के दुष्प्रभावों से मुक्त करने की दिशा में प्रयास करना है।
Author: Ashish Yadav
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