हजारीबाग में बिजली संकट से हाहाकार: 24 घंटे से अंधेरे में कटकमदाग, पानी के लिए तरसे लोग
पसय पीएसएस और नरसिंगस्थान फीडर में खराबी से जनजीवन प्रभावित, जनता ने जनप्रतिनिधियों और विभागीय व्यवस्था पर उठाए सवाल
हजारीबाग: जिले में बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। कटकमदाग प्रखंड सहित आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों को न केवल अंधेरे का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि पेयजल संकट भी गंभीर रूप ले चुका है।
जानकारी के अनुसार, कल दोपहर लगभग 2 बजे से कटकमदाग प्रखंड के कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से अधिकांश घरों के इनवर्टर जवाब दे गए और पानी की टंकियां खाली हो गईं। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ हजारीबाग शहर में भी लगातार बिजली की आंख-मिचौनी से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि 33 केवी नरसिंगस्थान फीडर के डेमोटाड क्षेत्र में तकनीकी खराबी तथा पेड़ की डालियां गिरने के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई। वहीं पसय पीएसएस के बंद होने से रेवाली, शांकरपुर, फतहा और कटकमदाग क्षेत्र के दर्जनों गांव अंधेरे में डूब गए।
विद्युत विभाग द्वारा नवाबगंज रोड स्थित कार्यालय परिसर में 24 घंटे संचालित होने वाला कंपोजिट कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है तथा कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द की गई हैं। विभागीय टीम लगातार फॉल्ट खोजने और मरम्मत कार्य में जुटी हुई है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक कई क्षेत्रों में आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी थी।
इस बीच क्षेत्र की जनता ने बिजली संकट को लेकर जनप्रतिनिधियों से भी हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से बिजली आपूर्ति की समस्या बनी हुई है और स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
विशेष रूप से बड़कागांव और कटकमदाग क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जिस क्षेत्र से देश के ऊर्जा उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण संसाधन निकलते हैं, वहां के लोगों को ही नियमित बिजली आपूर्ति नहीं मिलना चिंता का विषय है। ग्रामीणों ने शीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल करने तथा भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए मजबूत आधारभूत संरचना विकसित करने की मांग की है।


