सीआरपीएफ जवान की मौत पर सिमरिया में उबाल, 45 घंटे से सड़क जाम; कोयला ढुलाई रोकने की चेतावनी
चतरा (सिमरिया): सिमरिया थाना क्षेत्र के देल्हो घाटी में कोयला ढोने वाले हाईवा की टक्कर से सीआरपीएफ जवान लक्ष्मण कुमार यादव की मौत के बाद जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के बाद ग्रामीणों ने दोबारा आंदोलन शुरू कर दिया। सिमरिया-चतरा मुख्य सड़क पिछले 45 घंटे से जाम है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
आंदोलन को अब जन आंदोलन का स्वरूप मिल गया है। सिमरिया विधायक कुमार उज्ज्वल दास, चतरा सांसद कालीचरण सिंह सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने आंदोलन को समर्थन दिया है। वहीं प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच कई दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही।
झामुमो नेता मनोज चंद्रा ने आंदोलन स्थल पर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करते हुए कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक चतरा के रास्ते हजारीबाग के कोयले की ढुलाई नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने मृतक जवान के परिजनों के लिए उचित मुआवजा, दुर्घटना के जिम्मेदार हाईवा चालक पर कड़ी कार्रवाई तथा चतरा के लिए स्थायी मुआवजा नीति बनाने की मांग उठाई।
सिमरिया विधायक कुमार उज्ज्वल दास ने कहा कि लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र की जनता धूल और दुर्घटनाओं का दंश झेल रही है, जबकि राजस्व का लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने अलग कोल ट्रांसपोर्टिंग रोड की मांग दोहराते हुए कहा कि अब किसी भी कीमत पर इस मार्ग से कोयले की ढुलाई नहीं होने दी जाएगी।
चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि चतरा को कोयला परियोजनाओं से केवल धूल, दुर्घटनाएं और मौतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो इस मार्ग से कोयला परिवहन बंद रहेगा।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में मृतक जवान के आश्रितों को उचित मुआवजा, दुर्घटना के जिम्मेदार चालक पर सख्त कार्रवाई तथा सिमरिया-चतरा मार्ग से हजारीबाग के कोयले की ढुलाई पूरी तरह बंद करना शामिल है।
लगातार जाम के कारण सिमरिया-चतरा और चतरा-टंडवा-रांची मार्ग पर यातायात ठप है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं और सीसीएल व एनटीपीसी की परियोजनाओं से कोयला परिवहन भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से सीओ गौरव कुमार राय, बीडीओ चंद्रदेव प्रसाद और थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह आंदोलनकारियों से वार्ता कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सहमति नहीं बन सकी है।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में तैनात सीआरपीएफ जवान लक्ष्मण कुमार यादव 15 दिन की छुट्टी पर अपने गांव विराजपुर आए थे। सिमरिया से बाइक से घर लौटने के दौरान देल्हो घाटी में तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रांची ले जाने के दौरान रास्ते में उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओवरलोड और तेज रफ्तार हाईवा के कारण यह सड़क दुर्घटनाओं का केंद्र बन चुकी है।



