सरहुल जुलूस का भव्य स्वागत, रामनवमी महासमिति अध्यक्ष लड्डू यादव ने फूल बरसाकर किया सम्मान
हजारीबाग:आदिवासी समाज के प्रमुख पर्व सरहुल के अवसर पर हजारीबाग में सामाजिक सौहार्द और एकता की मिसाल देखने को मिली। हजारीबाग रामनवमी महासमिति के अध्यक्ष लड्डू यादव ने अपने कार्यालय बड़ा अखाड़ा के समीप गुजरने वाले सभी सरहुल जुलूसों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने जुलूस में शामिल लोगों पर फूलों की वर्षा की तथा पारंपरिक गमछा ओढ़ाकर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर लड्डू यादव ने कहा कि सरहुल आदिवासी समुदाय का सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र पर्व है, जो प्रकृति, जल, जंगल और जमीन के प्रति आस्था और कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की प्रेरणा देता है और समाज में भाईचारे व एकता का संदेश फैलाता है।उन्होंने आगे कहा कि हजारीबाग की पहचान यहां की सांस्कृतिक विविधता और आपसी सद्भाव में निहित है। सरहुल जैसे पर्व इस विविधता को और मजबूत करते हैं। ऐसे आयोजनों से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आपसी प्रेम, सम्मान और सहयोग की भावना बढ़ती है।कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में सरहुल जुलूस में शामिल श्रद्धालु मौजूद थे। पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों और नृत्य के साथ पूरा माहौल उत्सवमय हो गया। लोगों ने भी इस सम्मान के लिए महासमिति के अध्यक्ष लड्डू यादव का आभार व्यक्त किया।इस मौके पर रामनवमी महासमिति के उपाध्यक्ष धनंजय कुमार सिंह उर्फ टिंकू कुमार,प्रमेखर मेहता, प्रकाश यादव,सुनील कुमार,रितेश तिवारी,रोशन कुमार यादव,रामनवमी महासमिति मीडिया प्रभारी आशीष यादव,करण यादव, राजू मेहता,सूरजभान यादव,राहुल यादव, जय सोनी,यशवंत प्रजापति,अभिषेक ठाकुर, साजन मेहता, अनिल कुमार, एवं महासमिति के कई सदस्य और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि इस तरह के पहल से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और आपसी भाईचारा मजबूत होता है।



