हज़ारीबाग :-योग दिवस के अवसर पर हजारीबाग जिले के सुदूरवर्ती चुरचू प्रखंड के नगड़ी स्थित बिरहोर टोला में पहली बार आदिम जनजातीय समुदाय के लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। हजारीबाग के युवाओं और विद्यार्थियों के समूह ‘अर्थ एक प्रयास’ की पहल पर आयोजित इस योग शिविर में बिरहोर समुदाय के बच्चों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।आदि सेवा केंद्र परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य आदिम जनजातीय समुदाय को योग के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। शिविर के दौरान युवाओं ने ‘करें योग, रहें निरोग’ का संदेश देते हुए प्रतिभागियों को योग के महत्व और इसके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी।योगाभ्यास के दौरान बच्चों को सरल योगासन, प्राणायाम और दैनिक जीवन में योग की उपयोगिता के बारे में बताया गया। शिविर में शामिल छोटे-छोटे बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ योग किया, जबकि कई ग्रामीणों ने पहली बार योगाभ्यास को देखा और समझा।युवाओं ने बिरहोर समुदाय के लोगों को बताया कि नियमित योग करने से शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, मानसिक तनाव कम होता है और व्यक्ति विभिन्न बीमारियों से बचाव कर सकता है। योग सत्र के बाद बच्चों ने प्रतिदिन सुबह योग करने का संकल्प भी लिया।योग प्रशिक्षण देकर लौटे विद्यार्थियों ने बताया कि बिरहोर समाज में धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। समुदाय के लोग शिक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति पहले की अपेक्षा अधिक जागरूक हो रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों का नियमित योग करने का संकल्प इस बदलाव का महत्वपूर्ण संकेत है।गौरतलब है कि ‘अर्थ एक प्रयास’ नामक छात्र समूह पिछले कुछ समय से बिरहोर टोला में जाकर बच्चों को शिक्षा, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता से जोड़ने का कार्य कर रहा है। योग दिवस के अवसर पर आयोजित यह शिविर भी इसी अभियान का हिस्सा था।शिविर में भाग लेने वाले बिरहोर समुदाय के लोगों ने बताया कि उन्होंने पहली बार योगाभ्यास किया और उन्हें यह अनुभव काफी अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि योग से स्वास्थ्य लाभ मिलने की जानकारी मिलने के बाद वे इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का प्रयास करेंगे।उल्लेखनीय है कि बिरहोर समुदाय देश की विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) में शामिल है। यह समुदाय सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से काफी चुनौतियों का सामना कर रहा है। सरकार द्वारा इनके संरक्षण और विकास के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। ऐसे में हजारीबाग के युवाओं द्वारा बिरहोर टोला में पहुंचकर स्वास्थ्य, शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में किया जा रहा यह प्रयास सराहनीय माना जा रहा है।
