टंडवा में कोयला ढुलाई बनी मौत का कारण, दो युवकों की मौत के बाद 32 घंटे से सड़क जाम
मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर डटे परिजन और ग्रामीण, कंपनियों व प्रशासन पर गंभीर आरोप
टंडवा/चतरा :टंडवा में कोयला ढुलाई कर रहे हाइवा वाहन की चपेट में आने से दो युवकों की दर्दनाक मौत के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है। घटना के विरोध में टंडवा-खलारी मार्ग तथा टंडवा-केरेडारी-बड़कागांव मुख्य मार्ग पर डम्बाबागी बाईपास के पास पिछले करीब 32 घंटे से सड़क जाम है। मृतकों के परिजन और स्थानीय ग्रामीण मुआवजे तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर कड़क गर्मी में सड़क पर डटे हुए हैं।
मृतकों को फुफेरा-ममेरा भाई बताया जा रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि कोयला कंपनियों की भारी वाहनें बिना सुरक्षा मानकों के तेज रफ्तार में चल रही हैं, जिससे लगातार हादसे हो रहे हैं।
कंपनियों और बिचौलियों पर गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कोयला परिवहन से जुड़ी कंपनियों और उनसे जुड़े कुछ बिचौलिए पीड़ित परिवारों पर दबाव बनाकर मामले को शांत कराने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हादसे के बाद उचित कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के बजाय मामले को समझौते की ओर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन घटना के बाद लोगों में प्रशासन और कंपनियों के खिलाफ नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।
“मौत बनकर दौड़ रहे हाइवा”
ग्रामीणों का कहना है कि जीएआरएल, पीएनएम और अन्य कोल कंपनियों की गाड़ियां लगातार तेज गति से चल रही हैं, जिससे आम लोगों की जान खतरे में पड़ गई है। लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियां गंभीरता नहीं दिखा रही हैं।स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर कब तक टंडवा की सड़कों पर इस तरह हादसे होते रहेंगे और निर्दोष लोगों की जान जाती रहेगी।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने मृतक परिवारों को उचित मुआवजा, दोषी वाहन चालक पर कड़ी कार्रवाई और कोयला ढुलाई वाहनों पर सख्त नियंत्रण की मांग की है। सड़क जाम के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।सूत्रों के अनुसार प्रशासनिक अधिकारी लगातार ग्रामीणों से वार्ता कर जाम हटाने और मामले का समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं।
क्षेत्र में बढ़ रहा आक्रोश
घटना ने एक बार फिर टंडवा क्षेत्र में कोयला ढुलाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भी ऐसे हादसे होते रहेंगे।
Author: Rashtriy Samachar
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