हजारीबाग में फिर सक्रिय हुआ अवैध लॉटरी का कारोबार
चौक-चौराहों पर खुलेआम बिक रहे टिकट, व्हाट्सएप से हो रही बुकिंग; प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवाल
राष्ट्रीय समाचार डेस्क
हजारीबाग:- हजारीबाग शहर में एक बार फिर अवैध लॉटरी कारोबार के सक्रिय होने की चर्चा तेज हो गई है। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर कथित तौर पर सिंगल डिजिट लॉटरी टिकटों की खुलेआम बिक्री की जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस अवैध कारोबार का नेटवर्क लगातार फैल रहा है, जबकि जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
जानकारी के अनुसार, लॉटरी कारोबार से जुड़े लोग छोटे दुकानदारों और एजेंटों के माध्यम से टिकट बेच रहे हैं। इतना ही नहीं, अब इस अवैध नेटवर्क ने डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी सहारा लेना शुरू कर दिया है। व्हाट्सएप के जरिए टिकट बुकिंग, रिजल्ट शेयर करने और ग्राहकों तक टिकट पहुंचाने जैसी गतिविधियों की भी चर्चा है।
गरीब और मजदूर वर्ग हो रहे प्रभावित
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जल्दी पैसा कमाने की लालच में बड़ी संख्या में लोग इस जाल में फंस रहे हैं। विशेषकर दैनिक मजदूरी करने वाले और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग अपनी मेहनत की कमाई लॉटरी में लगाकर आर्थिक नुकसान उठा रहे हैं। कई परिवारों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
कानूनी रोक के बावजूद जारी कारोबार
गौरतलब है कि झारखंड में अवैध लॉटरी के संचालन और बिक्री पर कानूनी प्रतिबंध है। इसके बावजूद शहर के विभिन्न हिस्सों से लगातार टिकटों की बिक्री की शिकायतें सामने आ रही हैं। पूर्व में पुलिस और प्रशासन द्वारा ऐसे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी, लेकिन कुछ समय बाद यह कारोबार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है।
संरक्षण आखिर किसका…?
शहर में यह सवाल भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर यह नेटवर्क किसके संरक्षण में संचालित हो रहा है। यदि खुलेआम टिकटों की बिक्री हो रही है तो संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
लोगों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
शहरवासियों ने प्रशासन से चौक-चौराहों और बाजार क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, डिजिटल माध्यमों से संचालित अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो यह सामाजिक और आर्थिक समस्या का बड़ा रूप ले सकती है।
रिपोर्ट :आशीष यादव


