ऑपरेशन ‘दौरा पहाड़’ में बड़ी सफलता: 2.20 करोड़ का इनामी शीर्ष माओवादी मिसिर बेसरा गिरफ्तार, DGP ने कहा- नक्सल नेतृत्व को सबसे बड़ा झटका
रांची: झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेता और 2.20 करोड़ रुपये के इनामी मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुर्निमल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 28 जुलाई को धनबाद जिले के बरवड्डा थाना क्षेत्र के जंगलों में चलाए गए ‘ऑपरेशन दौरा पहाड़’ के दौरान की गई।
पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा ने बताया कि अभियान में धनबाद और गिरिडीह जिला पुलिस के साथ 209 कोबरा बटालियन के जवान शामिल थे। मिसिर बेसरा पर झारखंड सरकार ने 1 करोड़ रुपये और ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था।
पांच नक्सली गिरफ्तार, AK-47 समेत हथियार बरामद
इस अभियान में मिसिर बेसरा के अलावा क्षेत्रीय कमेटी सदस्य (RCM) मेहनत उर्फ मोछू उर्फ विभीषण, एरिया कमेटी सदस्य (ACM) गौरव उर्फ बिरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ तथा दो अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन AK-47 राइफल, आठ मैगजीन और 288 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
लगातार अभियानों से कमजोर हुआ माओवादी नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हाल के महीनों में आत्मसमर्पण, गिरफ्तारी और विशेष अभियानों के कारण माओवादी संगठन को लगातार नुकसान पहुंचा है। 21 मई 2026 को 27 नक्सलियों ने सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद जुलाई महीने में कई इनामी नक्सलियों की गिरफ्तारी और अन्य सदस्यों के आत्मसमर्पण से संगठन की गतिविधियां कमजोर हुई हैं।
कई राज्यों में दर्ज हैं गंभीर मामले
पुलिस के अनुसार मिसिर बेसरा पिछले तीन दशकों से झारखंड, ओडिशा, बिहार समेत कई राज्यों में सक्रिय रहा है। उसके खिलाफ 175 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह सुरक्षा बलों पर हमलों, हथियार लूट, जेल ब्रेक, आईईडी विस्फोट और कई बड़ी नक्सली घटनाओं में वांछित रहा है।
DGP तदाशा मिश्रा ने क्या कहा
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि ऑपरेशन ‘दौरा पहाड़’ झारखंड पुलिस के नक्सल विरोधी अभियान की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने योजनाबद्ध रणनीति के तहत माओवादी संगठन के शीर्ष नेतृत्व पर लगातार कार्रवाई की है, जिससे संगठन की कमांड संरचना को बड़ा झटका लगा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है और बड़ी संख्या में नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। पुलिस का उद्देश्य झारखंड को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाना है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
आईजी अभियान नरेंद्र सिंह का बयान
आईजी अभियान नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह ऑपरेशन कई महीनों की रणनीतिक तैयारी, सटीक खुफिया सूचना और सुरक्षा एजेंसियों के बेहतर समन्वय का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी केवल एक इनामी नक्सली की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि माओवादी संगठन की कमांड एंड कंट्रोल व्यवस्था पर बड़ा प्रहार है।
उन्होंने कहा कि जो नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनका स्वागत किया जाएगा, जबकि हिंसा का रास्ता अपनाने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
Author: Ashish Yadav
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