एक खेत में सब्जी, फल और फूल; मिश्रित खेती से बदल रही महिलाओं की तकदीर
सब्जी, फल और फूल की खेती से आत्मनिर्भर बन रहीं हजारीबाग की महिलाएं
कटकमसांडी,हजारीबाग:-जिले की महिला किसान खेती में नवाचार कर नई मिसाल पेश कर रही हैं। कटकमसांडी प्रखंड की महिलाएं अब पारंपरिक एकल फसल खेती के बजाय मिश्रित खेती को अपनाकर बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। एक ही खेत में सब्जी, फल और फूल की खेती कर वे न केवल उत्पादन बढ़ा रही हैं, बल्कि खेती के जोखिम को भी कम कर रही हैं।महिला किसान टमाटर, करेला, कद्दू, भिंडी और खीरा जैसी सब्जियों के साथ खेत की मेड़ों पर पपीता, अमरूद समेत अन्य फलदार पौधे लगा रही हैं। इससे एक ही खेत से सालभर अलग-अलग उत्पाद प्राप्त हो रहे हैं और आमदनी के कई स्रोत बन रहे हैं।
किसानों का कहना है कि पहले एक फसल खराब होने पर पूरे सीजन का नुकसान उठाना पड़ता था, लेकिन मिश्रित खेती में एक फसल का नुकसान दूसरी फसल से पूरा हो जाता है। इससे आर्थिक सुरक्षा बढ़ी है और बाजार में लगातार उत्पाद उपलब्ध कराने का अवसर भी मिल रहा है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे और सीमांत किसानों के लिए मिश्रित खेती बेहद लाभकारी है। इससे भूमि का बेहतर उपयोग, उत्पादन में वृद्धि और आय में सुधार होता है। यही कारण है कि हजारीबाग की महिलाएं तेजी से इस आधुनिक खेती पद्धति को अपना रही हैं।महिला किसानों की यह पहल आत्मनिर्भरता और कृषि नवाचार का सफल उदाहरण बनकर उभरी है। उनकी सफलता अन्य किसानों को भी नई तकनीक और विविध फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में ऐसी पहलें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
Author: Rashtriy Samachar
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