Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

NTPC कोल परिवहन मामले में बड़ा खुलासा, RCCF पर रिपोर्ट दबाने और गलत कार्रवाई के गंभीर आरोप।

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

NTPC कोल परिवहन मामले में बड़ा खुलासा, RCCF पर रिपोर्ट दबाने और गलत कार्रवाई के गंभीर आरोप।

राष्ट्रीय समाचार डेस्क

हजारीबाग:हजारीबाग एनटीपीसी के फॉरेस्ट क्लीयरेंस की शर्तों का उल्लंघन कर सड़क मार्ग से कोयला परिवहन के मामले ने अब वन विभाग के अंदर गंभीर रस्साकशी का रूप ले लिया है. वन संरक्षक (CF) द्वारा गठित दो सदस्यीय जांच समिति की अंतरिम रिपोर्ट सामने आने के बाद क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (RCCF) रवींद्र नाथ मिश्रा पर रिपोर्ट दबाने और गलत कार्रवाई करने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं.RCCF मिश्रा ने रिपोर्ट पर कार्रवाई के नाम पर “वरीय अधिकारियों” का हवाला देते हुए जांच समिति के दो सहायक वन संरक्षकों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया था. लेकिन इस आदेश की वैधता पर बड़ा सवाल तब उठा, जब प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) द्वारा सचिव, वन विभाग को लिखे पत्र में यह खुलासा हुआ कि यह आपत्ति किसी वरिष्ठ अधिकारी की नहीं, बल्कि स्वयं RCCF मिश्रा की थी. PCCF के पत्र ने RCCF के दावे को पूरी तरह गलत साबित कर दिया.

ACF ने मुख्यमंत्री से की उच्चस्तरीय जांच की मांग

इस मामले के उजागर होने के बाद पश्चिमी वन प्रमंडल के सहायक वन संरक्षक (ACF) अविनाश कुमार परमार ने मुख्यमंत्री को विस्तृत शिकायत पत्र भेजकर RCCF मिश्रा पर कठोर कार्रवाई और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. शिकायत की प्रतिलिपि भारत सरकार, राज्यपाल और मुख्य सचिव को भी दी गई है।

पांच महीने तक रिपोर्ट दबाए रखने पर सवाल

ACF परमार ने आरोप लगाया कि दो सदस्यीय जांच समिति की अंतरिम रिपोर्ट पांच महीने पहले CF ममता प्रियदर्शी को सौंपी गई थी. लेकिन CF ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की. हैरानी की बात यह है कि RCCF मिश्रा ने CF से इस देरी पर एक भी सवाल नहीं पूछा, बल्कि अचानक जांच समिति के सदस्यों को ही स्पष्टीकरण थमा दिया.  इससे संदेह गहरा हुआ है कि रिपोर्ट जानबूझकर RCCF की सहमति से दबाकर रखी गई, ताकि उस अधिकारी को बचाया जा सके, जिसके विरुद्ध जांच समिति गठित की गई थी.

PCCF के पत्र से खुली पूरी परतें

PCCF द्वारा 2 अगस्त 2025 भेजे गए पत्रांक 1850 के अनुसार, RCCF मिश्रा ने स्वयं अंतरिम जांच रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज की थी और CF को स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया था. इसके उलट, RCCF ने अपने पत्र में दावा किया कि यह कार्रवाई “वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश” पर की गई थी, जो PCCF के दस्तावेज से पूरी तरह खंडित हो गया.

विभाग में हलचल, कार्रवाई की मांग तेज

PCCF और ACF के पत्र सार्वजनिक होने के बाद वन विभाग में हलचल बढ़ गई है. आरोप है कि RCCF मिश्रा ने न सिर्फ तथ्यों को छिपाया, बल्कि वरिष्ठ अधिकारियों का नाम लेकर गलत दावा भी किया और जांच समिति के दो अधिकारियों पर प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की कोशिश की.

Ashish Yadav

Author: Ashish Yadav

खबर वही जो सबको रखे आगे

Leave a Comment

Rashtriy Samachar हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

और खबरें

हजारीबाग पुलिस की बड़ी पहल: 65 गुम मोबाइल बरामद, असली धारकों को सौंपे गए फोन

हजारीबाग पुलिस की बड़ी पहल: 65 गुम मोबाइल बरामद, असली धारकों को सौंपे गए फोन CEIR पोर्टल के जरिए पुलिस ने बरामद किए गुम मोबाइल,

अवैध कोयला कारोबार पर CISF का बड़ा प्रहार, 256.71 टन अवैध कोयला बरामद 50 किलोमीटर दूर दुर्गम वन क्षेत्र में

अवैध कोयला कारोबार पर CISF का बड़ा प्रहार, 256.71 टन अवैध कोयला बरामद 50 किलोमीटर दूर दुर्गम वन क्षेत्र में चला करीब 13 घंटे का

Live Cricket

error: Content is protected !!