सर्पदंश से बचाव: क्या करें और क्या न करें?
झारखंड स्वास्थ्य विभाग की सलाह: सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं और बिना समय गंवाए पीड़ित को नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं।
✅ क्या करें
- पीड़ित को शांत रखें और उसे जल्द से जल्द अस्पताल/स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।
- जिस अंग पर सांप ने काटा है, उसे कम से कम हिलाएं-डुलाएं और संभव हो तो स्थिर रखें।
- सर्पदंश के उपचार में एंटी-स्नेक वेनम (ASV) का उपयोग किया जाता है। चिकित्सा कर्मियों की देखरेख में जल्द उपचार जरूरी है।
- संभव हो तो सांप की पहचान के लिए दूर से फोटो ले सकते हैं, लेकिन सांप को पकड़ने या उसके पास जाने की कोशिश बिल्कुल न करें।
- आपात स्थिति में 108 एम्बुलेंस की सहायता लें।
❌ क्या न करें
- काटे गए स्थान को काटें, चूसें या दबाएं नहीं।
- घाव से जहर निकालने के लिए मुंह से चूसने की कोशिश न करें।
- झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें।
- पीड़ित को अनावश्यक रूप से चलने या दौड़ने न दें।
- घबराहट न फैलाएं और पीड़ित को आश्वस्त रखें।
- किसी भी तरह का घरेलू पदार्थ या दवा बिना चिकित्सकीय सलाह के न दें।
🚑 सबसे जरूरी बात
सर्पदंश एक चिकित्सकीय आपातस्थिति है। समय पर अस्पताल पहुंचना सबसे महत्वपूर्ण है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें।
हेल्पलाइन:
- 📞 108 — आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा
- 📞 104 — स्वास्थ्य संबंधी जानकारी/शिकायत
Author: Ashish Yadav
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