द्वारी रेलवे साइडिंग में वर्चस्व की जंग खूनी संघर्ष में बदली, तलवारबाजी में कई घायल; चतरा-हजारीबाग मार्ग जाम
गिद्धौर:-चतरा जिले के गिद्धौर और पत्थलगड़ा प्रखंड की सीमा पर स्थित द्वारी रेलवे साइडिंग क्षेत्र शनिवार दोपहर उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब वर्चस्व को लेकर दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। घटना में 8 से 10 लोग घायल हुए हैं, जबकि तलवारबाजी में तीन लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घायलों में गिद्धौर प्रमुख के पति उमेश यादव, समाजसेवी एवं राजनेता सुरेश यादव और प्रभु यादव प्रमुख रूप से शामिल हैं। सभी घायलों का इलाज कराया जा रहा है।
घटना के विरोध में गिद्धौर प्रमुख अनीता यादव के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने इंदिरा मोड़ के समीप चतरा-हजारीबाग मुख्य मार्ग जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
सूचना मिलते ही सर्किल इंस्पेक्टर अनिल उरांव, गिद्धौर थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री समेत भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गया।
घटना की जानकारी मिलने पर भाजपा जिला अध्यक्ष रामदेव सिंह भोक्ता तथा झामुमो के केंद्रीय नेता एवं सिमरिया विधानसभा प्रभारी मनोज चंद्रा भी इंदिरा मोड़ पहुंचे। मनोज चंद्रा ने कहा कि हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
बताया जा रहा है कि शिवपुर-कठौतिया रेल लाइन पर स्थित द्वारी रेलवे साइडिंग का निर्माण सीसीएल के मगध-आम्रपाली परियोजना से कोयला ढुलाई के लिए किया गया है। यहां बने कांटा घर और रेलवे साइडिंग पर वर्चस्व को लेकर दोनों गुटों के बीच पिछले कई दिनों से तनाव बना हुआ था। कई दौर की बैठकों और धमकियों के बाद आखिरकार विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और क्षेत्र में एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
रिपोर्ट :-आशीष यादव


