चतरा में नशे के अवैध कारोबार की सूचना देने पर मिलेगा नकद पुरस्कार, मुखबिर की पहचान रहेगी गुप्त
झारखंड सरकार की नीति-2026 के तहत पुरस्कार का प्रावधान, उपायुक्त ने जिलेवासियों से सहयोग की अपील की
चतरा: जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री और अफीम की खेती पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है। झारखंड सरकार की नीति-2026 के तहत मादक पदार्थों के अवैध कारोबार की सूचना देने वाले लोगों को नकद पुरस्कार देने का प्रावधान किया गया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी भय के अवैध गतिविधियों की जानकारी प्रशासन तक पहुंचा सकें।
जिला प्रशासन के अनुसार, यह पहल स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के तहत मादक पदार्थों से संबंधित अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से की गई है। इसके तहत अवैध अफीम की खेती, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध उत्पादन, भंडारण और बिक्री जैसी गतिविधियों की सूचना देने वाले पात्र व्यक्तियों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पुरस्कार दिया जा सकता है।
मादक पदार्थों की सूचना पर निर्धारित हैं पुरस्कार की दरें
झारखंड सरकार की नीति के तहत विभिन्न मादक पदार्थों की सूचना देने पर अलग-अलग अधिकतम पुरस्कार दरें निर्धारित की गई हैं। इनमें अफीम के लिए 6,000 रुपये प्रति किलोग्राम, मॉर्फिन के लिए 20,000 रुपये प्रति किलोग्राम तथा हेरोइन और ब्राउन शुगर के लिए 1,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पुरस्कार का प्रावधान है।
इसी प्रकार कोकीन के लिए 2,400 रुपये प्रति किलोग्राम, हशीश के लिए 2,000 रुपये प्रति किलोग्राम, हशीश ऑयल के लिए 10,000 रुपये प्रति किलोग्राम, गांजा के लिए 600 रुपये प्रति किलोग्राम और मैंड्रैक्स के लिए 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक पुरस्कार निर्धारित है।
इसके अतिरिक्त एम्फेटामिन और मेथाम्फेटामिन के लिए 20,000 रुपये प्रति किलोग्राम, एक्स्टेसी के लिए 15,000 रुपये प्रति 1,000 टैबलेट, एलएसडी के लिए 30 रुपये प्रति ब्लॉट तथा पोस्ता भूसा के लिए 240 रुपये प्रति किलोग्राम तक पुरस्कार का प्रावधान बताया गया है।
अवैध खेती नष्ट कराने पर भी मिलेगा पुरस्कार
नीति के तहत अवैध अफीम और गांजा की खेती को नष्ट कराने में सूचना के आधार पर कार्रवाई होने पर 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक पुरस्कार देने का प्रावधान है। इससे उन क्षेत्रों में अवैध खेती पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है, जहां मादक पदार्थों के उत्पादन से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती हैं।
हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित राशि अधिकतम पुरस्कार दरें हैं। वास्तविक पुरस्कार का निर्धारण संबंधित मामले में मादक पदार्थ की मात्रा, शुद्धता, सूचना की उपयोगिता और निर्धारित पात्रता सहित लागू नियमों के आधार पर किया जाएगा।
प्रशासन ने आम लोगों से की सहयोग की अपील
चतरा जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं अवैध अफीम की खेती, मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री, उत्पादन या भंडारण की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें।
प्रशासन का मानना है कि आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिल सकती है। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने का प्रावधान लोगों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं और ऐसी गतिविधियों की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
Author: Ashish Yadav
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