NGT की रोक के बावजूद हजारीबाग में धड़ल्ले से अवैध बालू खनन, चेक पोस्ट और टास्क फोर्स पर उठे सवाल
21 पुलिस पदाधिकारी और 22 मजिस्ट्रेट तैनात, फिर भी कई नदियों से जारी है अवैध खनन
हजारीबाग: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा 10 जून से 15 अक्टूबर तक बालू खनन पर लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद हजारीबाग जिले में अवैध बालू खनन जारी रहने के आरोप सामने आए हैं। प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए जिला प्रशासन ने आठ चेक पोस्ट और एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है, जिसमें 21 पुलिस पदाधिकारी और 22 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
जिला प्रशासन ने टीओपी-5 (बड़कागांव), फहाद पुलिस पिकेट, कटकमसांडी थाना, पलमा मोड़, पचपेड़ी चौक, चौरदाहा चेक पोस्ट, देवचंदा मोड़ और नरंगा टोल प्लाजा समेत आठ स्थानों पर 24 घंटे निगरानी के लिए तीन शिफ्टों में अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है।
इसके बावजूद आरोप है कि उरीमारी, दामोदर, सांढ़, शिवाड़ीह, दुमुहानी, कांड़तरी, सोनपुरा, विश्रामपुर और बदमाही सहित कई नदी घाटों से जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध बालू खनन किया जा रहा है। साथ ही ट्रैक्टरों और ट्रकों के माध्यम से बालू की ढुलाई भी जारी रहने की बात कही जा रही है।
इस बीच, पूर्व में एक अंचल अधिकारी को कथित रूप से ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश की घटना का भी उल्लेख करते हुए बालू माफिया के प्रभाव को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
हालांकि, प्रशासन की ओर से इन ताजा आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच और कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
Author: Ashish Yadav
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