हजारीबाग RWD टेंडर पर AG की जांच, 5 करोड़ की सड़क योजना में अनियमितता के आरोप
RTI कार्यकर्ता की शिकायत पर उच्चस्तरीय जांच शुरू, लागत निर्धारण और निविदा प्रक्रिया पर उठे सवाल
हजारीबाग: ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) हजारीबाग की एक सड़क निर्माण निविदा को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। विभागीय जांच में कथित शिथिलता के बाद महालेखाकार (AG), झारखंड ने मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई आरटीआई एवं सामाजिक कार्यकर्ता शनिकांत की शिकायत पर की गई है।
शिकायत के अनुसार, कार्यपालक अभियंता कार्यालय, ग्रामीण कार्य विभाग, हजारीबाग द्वारा ई-निविदा संख्या 05/2025-26/RWD/EE/HAZARIBAG जारी कर केरेडारी प्रखंड के लवनिया मोड़ से जोरदाग रोड तक लगभग 2 किलोमीटर सड़क एवं गार्डवाल निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित की गई थी। परियोजना की अनुमानित लागत ₹4,99,77,900 निर्धारित की गई।
शिकायत में आरोप है कि लागत जानबूझकर 5 करोड़ रुपये से 22,100 रुपये कम रखी गई, ताकि उच्चस्तरीय तकनीकी जांच और अनुमोदन की प्रक्रिया से बचा जा सके। साथ ही, निविदा प्रकाशित होने से आवेदन की अंतिम तिथि तक केवल 7 दिन का समय दिया गया, जिससे अन्य योग्य संवेदकों को भाग लेने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल सका।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सीमित समय देकर एक विशेष ठेकेदार को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। यह भी बताया गया है कि संबंधित सड़क कोयला परियोजनाओं की रेलवे साइडिंग तक जाने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, इसलिए निर्माण से पहले आवश्यक स्वीकृतियों की भी जांच की जाएगी।
महालेखाकार कार्यालय द्वारा विशेष ऑडिट में निविदा की तकनीकी प्रक्रिया, लागत निर्धारण, नियमों के अनुपालन तथा कार्यपालक अभियंता के कार्यकाल में जारी अन्य टेंडरों की भी समीक्षा किए जाने की जानकारी है। शिकायत में दोषी अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग भी की गई है।



