नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026: नई दिल्ली में आज झारखंड का ‘डिजिटल विजन’ पेश करेंगे सीएम हेमंत सोरेन
नई दिल्ली:-देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026’ के प्रतिष्ठित मंच पर आज झारखंड अपने डिजिटल विकास और औद्योगिक परिवर्तन का खाका देश-दुनिया के सामने रखेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस उच्च स्तरीय कार्यक्रम में झारखंड के डिजिटल परिवर्तन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ई-गवर्नेंस और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) आधारित भविष्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं को प्रस्तुत करेंगे।
दो दिवसीय इस भव्य कार्यक्रम में देश-विदेश की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों, उद्योग जगत के शीर्ष प्रतिनिधियों, नीति विशेषज्ञों और दिग्गज निवेशकों की भारी भागीदारी हो रही है। राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य झारखंड को केवल खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि डिजिटल निवेश और उभरती तकनीकों (Emerging Technologies) का नया हब बनाना है।
रांची आईटी पार्क बनेगा राष्ट्रीय निवेश का बड़ा गंतव्य
इस परामर्श बैठक के दौरान पहली बार रांची में प्रस्तावित हाई-टेक आईटी पार्क को राष्ट्रीय स्तर पर एक संभावित निवेश गंतव्य के रूप में मजबूती से पेश किया जाएगा। राज्य सरकार राजधानी के कोर कैपिटल क्षेत्र में 100 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि पर इस मेगा परियोजना को विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। सरकार को उम्मीद है कि इस मंच के माध्यम से देश के बड़े आईटी दिग्गजों को रांची की ओर आकर्षित किया जा सकेगा, जिससे राज्य में रोजगार के लाखों नए अवसर सृजित होंगे।
न्यूक्लियर और सीमेंट परियोजनाओं सहित 10 बड़ी कंपनियों के साथ MoU की तैयारी:
झारखंड को औद्योगिक गति देने के लिए कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार कई बहुराष्ट्रीय और घरेलू कंपनियों के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर करने जा रही है:
- न्यूक्लियर और सीमेंट पर फोकस: निवेश समझौतों में राज्य की पहली न्यूक्लियर पावर परियोजना और गोड्डा में स्थापित होने वाले प्रस्तावित सीमेंट प्लांट से जुड़े ऐतिहासिक समझौते शामिल हैं।
- इन क्षेत्रों में आएगा निवेश: सरकार के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, लगभग दस प्रमुख कंपनियों के साथ अंतिम दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है। ये कंपनियां ऊर्जा, इस्पात (स्टील), सीमेंट, खनन, नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) जैसे कोर सेक्टर्स में भारी निवेश करेंगी।
डिजिटल तकनीक और भारी उद्योग का अनूठा संगम
राज्य सरकार के प्रवक्ताओं का कहना है कि डिजिटल तकनीक और पारंपरिक भारी औद्योगिक निवेश को एक साथ लाकर झारखंड को एक नई विकास दिशा देने की नीतिगत कोशिश की जा रही है। नई दिल्ली का यह कंसल्टेशन प्रोग्राम झारखंड की छवि को एक पिछड़े राज्य से बदलकर एक प्रगतिशील, तकनीकी रूप से सक्षम और ‘इन्वेस्टर फ्रेंडली’ राज्य के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।


