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श्रावणी मेला 2026: झारखंड सरकार ने दी ₹14 करोड़ की मंजूरी, दुमका कोषागार से निकासी; श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

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श्रावणी मेला 2026: झारखंड सरकार ने दी ₹14 करोड़ की मंजूरी, दुमका कोषागार से निकासी; श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

​देवघर :-झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में आयोजित होने वाले सुप्रसिद्ध विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने मेले की तैयारियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए 14 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह पूरी राशि बाबा बैद्यनाथधाम-बासुकीनाथ तीर्थ क्षेत्र विकास प्राधिकरण को हस्तांतरित (उपलब्ध) कराई जाएगी।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर होगा खर्च

​इस विशेष बजट का मुख्य उद्देश्य श्रावणी मेले के दौरान देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथधाम और दुमका के बासुकीनाथधाम पहुंचने वाले देश-विदेश के लाखों कांवरियों व श्रद्धालुओं के लिए विश्वस्तरीय और सुलभ सुविधाएं सुनिश्चित करना है। स्वीकृत राशि का उपयोग मुख्य रूप से:पेयजल, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार,​मेला क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था एवं कड़े सुरक्षा इंतजामों,​तथा अन्य सभी आवश्यक नागरिक केंद्रित कार्यों पर किया जाएगा।

दुमका के आयुक्त बने राशि की निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी

​정कार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस 14 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि की निकासी दुमका जिला कोषागार (ट्रेजरी) से की जाएगी। संथाल परगना प्रमंडल (दुमका) के आयुक्त-सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित कुमार को इस राशि की निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (DDO) नियुक्त किया गया है।

कड़े वित्तीय नियम लागू: अग्रिम निकासी पर पूर्ण रोक

​सरकारी आदेश में पारदर्शिता और नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया गया है:

  • ​वित्तीय अनुशासन: अनुदान राशि का उपयोग पूरी तरह से सरकारी वित्तीय नियमावली के अंतर्गत किया जाएगा।
  • ​अग्रिम पर रोक: किसी भी परिस्थिति में काम से पहले अग्रिम (एडवांस) राशि की निकासी की अनुमति नहीं होगी।
  • ​उपयोगिता प्रमाण पत्र: सभी विकास कार्य एवं निविदाएं पूरी होने के बाद समय सीमा के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), झारखंड को भेजना अनिवार्य होगा।

पिछले वर्ष के मुकाबले बजट में बढ़ोतरी

​सरकार ने स्पष्ट किया है कि इससे पहले (वर्ष 2024 में) इसी मद में 9 करोड़ 97 लाख 13 हजार 7 रुपये की राशि जारी की गई थी, जिसका उपयोगिता प्रमाण पत्र विभाग को शत-प्रतिशत प्राप्त हो चुका है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस बार बजट में बढ़ोतरी की गई है।

​विभागीय मंत्री और आंतरिक वित्तीय सलाहकार की अंतिम सहमति मिलने के बाद इस प्रस्ताव को राज्यपाल के आदेश से आधिकारिक रूप से स्वीकृत कर दिया गया है। सरकार का दावा है कि इस समयबद्ध बजटीय सहयोग से श्रावणी मेला 2026 के पूरे आयोजन को पहले से अधिक डिजिटल, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

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