तनाव की सूचना के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, गिद्धौर थाना प्रभारी पर उठे सवाल..
द्वारी रेलवे साइडिंग में खूनी संघर्ष: तलवार-लाठी से हमला, 10 घायल; विरोध में चतरा-हजारीबाग मुख्य मार्ग जाम
चतरा:-जिले के गिद्धौर और पत्थलगड़ा प्रखंड की सीमा पर स्थित द्वारी रेलवे साइडिंग शनिवार को वर्चस्व की लड़ाई का अखाड़ा बन गई। रेलवे साइडिंग शुरू करने को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। तलवार, लाठी-डंडे और पत्थरबाजी में 8 से 10 लोग घायल हो गए, जबकि तीन लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।घायलों में गिद्धौर प्रमुख अनीता यादव के पति उमेश यादव, समाजसेवी एवं राजनेता सुरेश यादव तथा प्रभु यादव प्रमुख रूप से शामिल हैं। सभी घायलों का इलाज कराया जा रहा है।
हाईवा पहुंचते ही भड़का विवाद
जानकारी के अनुसार, सीसीएल की मगध-आम्रपाली परियोजना से कोयला ढुलाई के लिए बने द्वारी रेलवे साइडिंग पर शनिवार को कोयला लदा हाईवा पहुंचा। इसकी सूचना मिलते ही विस्थापित एवं प्रभावित लोग मौके पर पहुंचे और प्रशासन से कहा कि वार्ता होने तक साइडिंग का संचालन शुरू नहीं किया जाए। इसी दौरान दूसरा पक्ष भी वहां पहुंच गया और कहासुनी के बाद विवाद हिंसक रूप ले बैठा,प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक पक्ष के लोग तलवार, लाठी-डंडे समेत अन्य हथियारों से लैस होकर पहुंचे थे। पहले मारपीट हुई, फिर दोनों ओर से जमकर पत्थरबाजी हुई, जिससे कई लोग घायल हो गए।
विरोध में सड़क जाम
घटना के बाद गिद्धौर प्रमुख अनीता यादव के नेतृत्व में आक्रोशित लोगों ने इंदिरा मोड़ के पास चतरा-हजारीबाग मुख्य मार्ग जाम कर दिया और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। सड़क जाम से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
पुलिस मौके पर, जांच शुरू
सूचना मिलते ही सर्किल इंस्पेक्टर अनिल उरांव, गिद्धौर थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया।घटना की जानकारी मिलने पर भाजपा जिला अध्यक्ष रामदेव सिंह भोक्ता और झामुमो के केंद्रीय नेता एवं सिमरिया विधानसभा प्रभारी मनोज चंद्रा भी मौके पर पहुंचे। मनोज चंद्रा ने कहा कि हिंसा किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रमुख ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
गिद्धौर प्रमुख अनीता यादव ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में पहले से तनाव की जानकारी थाना को दी गई थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि पुलिस ने मोहर्रम ड्यूटी का हवाला देकर मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे यह घटना हुई।वहीं थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री ने कहा कि पुलिस मोहर्रम ड्यूटी में तैनात थी। मारपीट की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई। अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


