हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में महीनों से एंटी-रेबीज सीरम खत्म, सांसद मनीष जायसवाल ने उठाया मुद्दा
हजारीबाग: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसबीएमसीएच) हजारीबाग में पिछले कई महीनों से एंटी-रेबीज सीरम (रेबीज़ इम्युनोग्लोबुलिन) उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुत्ते या अन्य जानवरों के काटने के बाद गंभीर मरीजों को यह जीवनरक्षक दवा अस्पताल में नहीं मिल रही, जिसके कारण उन्हें बाहर से ऊंची कीमत पर दवा खरीदनी पड़ रही है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर उनके मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने जिले के उपायुक्त हेमंत सती और झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
रंजन चौधरी ने बताया कि हजारीबाग और आसपास के क्षेत्रों से लगभग हर दो दिन में पशु काटने के कई मरीज मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचते हैं। गंभीर मामलों में चिकित्सक मरीजों को एंटी-रेबीज सीरम लेने की सलाह देते हैं, लेकिन अस्पताल में इसकी अनुपलब्धता के कारण मरीजों को निजी मेडिकल दुकानों से महंगे दामों पर दवा खरीदनी पड़ती है।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनहित से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने मांग की कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तत्काल कार्रवाई कर अस्पताल में एंटी-रेबीज सीरम की उपलब्धता सुनिश्चित करें, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त उपचार का लाभ मिल सके।


