दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत मिलेगा पद्म भूषण सम्मान
नई दिल्ली/रांची: झारखंड आंदोलन के महानायक, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन को आज मरणोपरांत देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें लोक कल्याण, आदिवासी अधिकारों की रक्षा और अलग झारखंड राज्य के निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान के लिए प्रदान किया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा करते हुए शिबू सोरेन के नाम का ऐलान किया था। उनके सम्मान की खबर के बाद झारखंड सहित पूरे देश में उनके समर्थकों और आदिवासी समाज में खुशी की लहर दौड़ गई थी।
शिबू सोरेन को झारखंड आंदोलन का सबसे बड़ा चेहरा माना जाता है। उन्होंने आदिवासी समाज, जल-जंगल-जमीन और राज्य के अधिकारों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया। अलग झारखंड राज्य के निर्माण में उनकी भूमिका को हमेशा याद किया जाएगा।
4 अगस्त 2025 को हुआ था निधन
‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन का 81 वर्ष की आयु में 4 अगस्त 2025 को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया था। सांस लेने में तकलीफ होने के कारण उन्हें 18 जून 2025 को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लंबे इलाज के बाद उन्होंने 4 अगस्त को अंतिम सांस ली।
उनके निधन के बाद पूरे झारखंड में शोक की लहर फैल गई थी। राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जगत के लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी थी।
शिबू सोरेन का राजनीतिक और सामाजिक जीवन झारखंड के इतिहास का अहम अध्याय माना जाता है। उनके संघर्ष, नेतृत्व और आदिवासी समाज के प्रति समर्पण को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा दिया जा रहा पद्म भूषण सम्मान उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने वाला कदम माना जा रहा है।
Author: Rashtriy Samachar
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