विभावि में बलिदान दिवस पर शहीद-ए-आजम को नमन

हजारीबाग:विनोबा भावे विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में सोमवार को ‘बलिदान दिवस’ के अवसर पर शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. सुकल्याण मोइत्रा ने की।डॉ. मोइत्रा ने कहा कि देश इन महान क्रांतिकारियों का सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि भगत सिंह की लिखी रचनाएं आज के युवाओं के लिए गीता, कुरान और बाइबल के समान मार्गदर्शक होनी चाहिए।प्राध्यापक डॉ. अजय बहादुर सिंह ने भगत सिंह को क्रांतिकारी राष्ट्रवादी बताते हुए कहा कि उनमें क्रांति और दर्शन का अद्भुत समन्वय था। वे तर्कशील और मानवतावादी विचारक थे।कार्यक्रम में शोधार्थी धर्मेंद्र ने भगत सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जलियांवाला बाग कांड से प्रेरित होकर वे कम उम्र में ही स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए। उन्होंने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे को बुलंद किया और 23 वर्ष की आयु में देश के लिए बलिदान दिया।वहीं शोधार्थी रवि कुमार विश्वकर्मा ने उनके विचारों को मानव केंद्रित राष्ट्रवाद पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह धर्म और जाति के आधार पर भेदभाव के विरोधी थे तथा वैज्ञानिक सोच वाले समाज के पक्षधर थे।शोधार्थी महेंद्र पंडित ने भगत सिंह की प्रसिद्ध रचना ‘व्हाई आई एम एन एथीस्ट’ पर अपने विचार रखते हुए उनके तर्कशील दृष्टिकोण को रेखांकित किया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शोधार्थी एवं विभिन्न सेमेस्टर के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Author: Rashtriy Samachar
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