चौपारण में मिठाई के नाम पर जहर: प्रशासन मौन, ग्रामीणों में आक्रोश।

हजारीबाग:चौपारण प्रखंड क्षेत्र में मिल रही जानकारी के अनुसार शहरों—गिरिडीह और गया—से लाई जा रही जहरीली व नकली मिठाइयों की सप्लाई ने स्थानीय लोगों की सेहत को गंभीर संकट में डाल दिया है। मिठाइयां होटल-ढाबों और छोटे ठेलों पर खुलेआम बेची जा रही हैं, जबकि कई स्थानों पर खराब हुई मिठाइयों को रासायनिक प्रक्रियाओं से पुन:तैयार कर बाजार में लगाया जा रहा है।ग्रामीणों और दुकानदारों का कहना है कि इससे पेट संबंधित बीमारियाँ, एलर्जी और गंभीर स्थिति तक पहुँचने का खतरा बना हुआ है—खासकर बच्चे और बुजुर्ग अधिक संवेदनशील हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि मामले की सूचना के बावजूद प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की सक्रियता न के बराबर है।फूड सेफ्टी अधिकारीयों के निरीक्षण केवल शहरी प्रतिष्ठानों तक सीमित दिखते हैं और गांव-प्रखंड स्तर पर नियमित जांच नहीं हो रही। इस कारण आपराधिक तत्व और बेईमाना व्यापारी निर्भीक होकर जहरीली सामग्री सप्लाई कर रहे हैं।

ग्रामीणों की मांगें हैं:

- जहरीली मिठाई बनाकर और सप्लाई कर रहे व्यापारियों पर तुरंत छापेमारी और गिरफ्तारी।
- नमूनों का त्वरित लैब परीक्षण और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई।
- प्रखंड व गांव स्तर पर नियमित और अनियोजित निरीक्षण—फूड सेफ्टी टीम का व्यापक अभियान।
- सार्वजनिक चेतावनी और उपभोक्ता जागरूकता अभियान ताकि लोग संदिग्ध सामान खरीदने से बचें।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो सामान्य नागरिकों की जान व स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बढ़ता जाएगा। इस मामले पर प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से आधिकारिक टिप्पणी अभी तक प्राप्त नहीं हुई है।
Author: Rashtriy Samachar
खबर वही जो सबको रखे आगे











