दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पैतृक गांव नेमरा में दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

गिद्धौर:-झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के संस्थापक और आदिवासी समाज की बुलंद आवाज़ रहे दिशोम गुरु आदरणीय शिबू सोरेन को उनके पैतृक गांव नेमरा में गुरुवार को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर झामुमो के शीर्ष नेताओं, समाजसेवियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने उपस्थित होकर दिवंगत नेता के योगदानों को याद किया और पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की।कार्यक्रम में समाजसेवी एवं जेएमएम नेता बैद्यनाथ कुमार दांगी, जेएमएम नेता यदुनंदन पांडेय, जेएमएम नेता बहादुर दांगी तथा प्रखंड उपाध्यक्ष बिनोद ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन नेताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद झारखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भेंट की और गहरी शोक संवेदनाएं प्रकट कीं।बैद्यनाथ कुमार दांगी ने अपने संबोधन में कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन केवल एक प्रखर जननेता नहीं थे, बल्कि वे झारखंड राज्य निर्माण आंदोलन के ध्वजवाहक और आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई के सबसे सशक्त प्रतीक रहे। उन्होंने अपना पूरा जीवन संघर्ष, त्याग और सेवा के मार्ग पर चलते हुए जनता के हक के लिए समर्पित कर दिया।जेएमएम नेता यदुनंदन पांडेय ने कहा कि शिबू सोरेन की राजनीतिक यात्रा जनआंदोलनों से शुरू हुई और उन्होंने सत्ता में रहते हुए भी हमेशा गरीब, मजदूर, किसान और वंचित वर्ग की आवाज को बुलंद किया। उनका सादगीपूर्ण जीवन और लोकहित के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।बहादुर दांगी ने कहा कि दिशोम गुरु का व्यक्तित्व विशाल और अद्वितीय था। वे किसी भी परिस्थिति में अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करते थे और हमेशा समाज के सबसे कमजोर वर्ग के साथ खड़े रहते थे।श्रद्धांजलि कार्यक्रम में क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, ग्रामीण और समर्थक मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण भावुक और श्रद्धा से ओतप्रोत रहा। लोगों ने एक स्वर में कहा कि दिशोम गुरु की स्मृतियां और उनके द्वारा दिखाया गया मार्ग हमेशा जीवित रहेगा और झारखंड के विकास की दिशा में मार्गदर्शन करता रहेगा।

Author: Rashtriy Samachar
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