सिमरिया पावर ग्रिड में कथित अवैध बालू भंडारण का आरोप, सीकरी में जांच की मांग; प्रशासन ने कार्रवाई का दिया भरोसा
चतरा:- सिमरिया थाना क्षेत्र के सीकरी गांव स्थित विद्युत पावर ग्रिड परिसर के पास कथित तौर पर बड़ी मात्रा में बालू के भंडारण और परिवहन का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पावर ग्रिड तक बन रहे पीसीसी पथ के निर्माण के लिए नदी घाटों से ट्रैक्टरों के जरिए बालू लाकर सड़क किनारे और पावर ग्रिड के समीप जमा किया जा रहा है।ग्रामीणों का दावा है कि मौके पर सैकड़ों सीएफटी बालू जमा है। उनका आरोप है कि बालू का परिवहन लगातार किया जा रहा है और इस दौरान पर्यावरणीय एवं खनन संबंधी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा। हालांकि, बालू अवैध है या वैध, इसकी अंतिम पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।
पीसीसी पथ निर्माण के लिए बालू इस्तेमाल होने का दावा
स्थानीय लोगों के अनुसार, सीकरी गांव की कालीकरण सड़क से विद्युत पावर ग्रिड तक पीसीसी पथ का निर्माण कराया जा रहा है। इसी निर्माण कार्य में इस्तेमाल के लिए बालू लाकर पावर ग्रिड के सामने तथा आसपास के क्षेत्र में जमा किए जाने का आरोप है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य के लिए बालू की आवश्यकता है तो उसके स्रोत, परिवहन और भंडारण से संबंधित सभी वैध दस्तावेज सार्वजनिक रूप से स्पष्ट होने चाहिए, ताकि किसी तरह की अनियमितता की आशंका न रहे।
‘गरीबों पर कार्रवाई, बड़े भंडारण पर चुप्पी’—ग्रामीण
बालू के कथित भंडारण को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि छोटे स्तर पर आवास निर्माण के लिए बालू ले जाने वाले लोगों के खिलाफ प्रशासन कार्रवाई करता है और कई बार वाहन जब्त किए जाते हैं, जबकि बड़े पैमाने पर बालू जमा किए जाने के मामले में कार्रवाई नजर नहीं आती।ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या खनन और परिवहन से जुड़े नियम सभी के लिए समान रूप से लागू होते हैं? उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
NGT नियमों के उल्लंघन का भी आरोप
ग्रामीणों ने बालू के कथित भंडारण और परिवहन को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों के पालन पर भी सवाल उठाए हैं।हालांकि, मौके पर जमा बालू किस स्रोत से आया, उसके परिवहन की अनुमति थी या नहीं और भंडारण के लिए आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं—इन सभी बिंदुओं की पुष्टि संबंधित खनन एवं प्रशासनिक अधिकारियों की जांच के बाद ही हो सकेगी।
अंचल अधिकारी ने कहा—जांच में गलत मिला तो होगी कार्रवाई
मामले को लेकर अंचल अधिकारी गौरव कुमार राय ने कहा कि मामला गंभीर है। उन्होंने कहा कि यदि नियमों और NGT के दिशा-निर्देशों के विपरीत बालू का भंडारण या परिवहन किया जा रहा है तो यह गलत है। जांच में अनियमितता मिलने पर संबंधित संवेदक और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।अधिकारी के इस बयान के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि मामले की स्थल जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाएगी।
जिला खनन पदाधिकारी से नहीं हो सकी बात
मामले में जिला खनन विभाग का पक्ष जानने के लिए जिला खनन पदाधिकारी मनोज टोप्पो से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में बालू के स्रोत, वैधता, परिवहन अनुमति और भंडारण से संबंधित आधिकारिक स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है।अब ग्रामीणों की नजर प्रशासनिक एवं खनन विभाग की जांच पर है। यदि मौके पर जमा बालू के संबंध में वैध दस्तावेज उपलब्ध हैं तो स्थिति स्पष्ट हो जाएगी, वहीं जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की मांग जोर पकड़ सकती है।फिलहाल मामला आरोपों और जांच की प्रक्रिया के बीच है। बालू अवैध है या वैध, इसका अंतिम निष्कर्ष सक्षम विभाग की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही निकलेगा।
Author: Ashish Yadav
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