लाठीचार्ज के विरोध में छात्रों का मौन जुलूस, हाथों में गुलाब और कलम लेकर दिया शांतिपूर्ण संदेश
हजारीबाग:-पुलिस-छात्र झड़प और कथित लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को हजारीबाग के गांधी मैदान से छात्रों ने मौन जुलूस निकाला। हाथों में गुलाब और कलम लेकर निकले छात्रों ने बिना नारेबाजी और शोर-शराबे के अपना विरोध दर्ज कराया। चेहरे पर मास्क और जुबान पर खामोशी के साथ छात्रों का यह प्रदर्शन अपने प्रतीकात्मक अंदाज के कारण चर्चा में रहा।
छात्रों का आरोप है कि शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। छात्रों के मुताबिक, कार्रवाई में कई छात्र चोटिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना चाहते थे, लेकिन कथित पुलिस कार्रवाई ने आंदोलन को और आक्रोशित कर दिया।
गुलाब और कलम से दिया शांति का संदेश
शनिवार के मौन जुलूस में छात्रों ने हाथों में गुलाब और कलम थाम रखी थी। गुलाब के जरिए छात्रों ने शांतिपूर्ण विरोध का संदेश दिया, जबकि कलम को शिक्षा, अधिकार और भविष्य की लड़ाई का प्रतीक बताया।छात्रों का कहना था कि वे किसी टकराव के पक्ष में नहीं हैं। उनका आंदोलन अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाने के लिए है। इसी संदेश को सामने रखते हुए छात्रों ने इस बार नारेबाजी के बजाय मौन प्रदर्शन का रास्ता चुना।
‘लाठी से नहीं दबेगा आंदोलन’
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने कहा कि पिछले दिन की कार्रवाई से उनका आंदोलन समाप्त नहीं होने वाला है। उनका दावा है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से जारी रखा जाएगा।छात्रों ने प्रशासन से अपील की कि उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाए और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की पहल की जाए।
मौन प्रदर्शन ने खड़े किए कई सवाल
गांधी मैदान से निकला यह मौन जुलूस अपने पीछे कई सवाल भी छोड़ गया। छात्रों का सवाल है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने वालों की बात सुनी जानी चाहिए या उनके विरोध का जवाब बल प्रयोग से दिया जाना चाहिए।हालांकि, पुलिस-छात्र झड़प और लाठीचार्ज की परिस्थितियों को लेकर प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के पक्ष में अलग-अलग दावे सामने आ सकते हैं। पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।फिलहाल हजारीबाग में छात्रों का आंदोलन जारी है और शनिवार का मौन जुलूस यह संदेश देता नजर आया कि आवाज शांत है, लेकिन छात्रों का आंदोलन खत्म नहीं हुआ है।
Author: Ashish Yadav
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