वन भूमि म्यूटेशन केस में बड़ी राहत: विनय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत

रांची/दिल्ली:आईएएस अधिकारी विनय चौबे के हजारीबाग के उपायुक्त (डीसी) रहने के दौरान सामने आए वन भूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री और नियमविरुद्ध म्यूटेशन मामले में एक बड़े आरोपी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। मामले के प्रमुख आरोपी और ऑटोमोबाइल कारोबारी विनय सिंह को शीर्ष अदालत ने अंतरिम जमानत प्रदान कर दी है।सुप्रीम कोर्ट में विनय सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने यह राहत दी। अदालत के इस आदेश को मामले में अहम कानूनी मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

ACB केस नंबर 11/2025 से जुड़ा मामला

गौरतलब है कि विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की कांड संख्या 11/2025 में नामजद आरोपी हैं। एसीबी के अनुसार, जिस भूमि को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है, वह दोनों के नाम पर दर्ज है और वन भूमि की श्रेणी में आती है।
किस भूमि को लेकर है विवाद
एसीबी की जांच में सामने आया है कि विवादित भूमि हजारीबाग सदर अंचल के अंतर्गत आती है—
थाना नंबर: 252
खाता नंबर: 95
प्लॉट नंबर: 1055, 1060 और 848
कुल रकबा: 28 डिसमिल
इसके अलावा—
खाता नंबर: 73
प्लॉट नंबर: 812
कुल रकबा: 72 डिसमिल
यह भूमि बभनवे मौजा, हल्का संख्या 11 में स्थित है। एसीबी के मुताबिक, उक्त भूमि पर विनय सिंह और स्निग्धा सिंह का दखल-कब्जा है और वर्तमान में वहां नेक्सजेन ऑटोमोबाइल शोरूम संचालित किया जा रहा है।
जांच जारी, अगली सुनवाई पर नजर
हालांकि सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बावजूद, मामले की जांच अभी जारी है। एसीबी की कार्रवाई और आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
Author: Rashtriy Samachar
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