बोकारो नदी की धारा रोक हजारीबाग में चल रहा अवैध कोयले का काला खेल, जंगल बने तस्करी के सेफ कॉरिडोर
हजारीबाग: जिले में अवैध कोयला कारोबार एक बार फिर तेजी से फैलता नजर आ रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब कोयला माफिया प्राकृतिक संसाधनों के साथ भी खुलेआम खिलवाड़ करने से पीछे नहीं हट रहे। केदला और बसंतपुर इलाके में बोकारो नदी की धारा को अवरुद्ध कर बंद पड़ी खदानों से कोयला निकालने का काम किए जाने की चर्चा ने पूरे इलाके में चिंता बढ़ा दी है। मानसून आने से पहले भारी मात्रा में अवैध कोयला स्टॉक करने की होड़ मची हुई है, जबकि जंगल और ग्रामीण रास्तों को तस्करों ने सुरक्षित कॉरिडोर में तब्दील कर दिया है।
नदी रोककर निकाला जा रहा कोयला
स्थानीय सूत्रों के अनुसार केदला, बसंतपुर और आसपास के क्षेत्रों में बोकारो नदी की धारा को अस्थायी रूप से रोककर बंद पड़ी खदानों तक पहुंच बनाई जा रही है। आरोप है कि पानी हटने के बाद अवैध खनन कर बड़े पैमाने पर कोयला निकाला जा रहा है। यह गतिविधि न केवल पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है, बल्कि भविष्य में नदी के प्राकृतिक प्रवाह और आसपास के ग्रामीण इलाकों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
जंगल के रास्तों से हो रही तस्करी
बताया जा रहा है कि तस्करों ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए जंगलों और ग्रामीण रास्तों को सेफ कॉरिडोर बना लिया है। केदला, बसंतपुर, चुटुआ नाला और पेरज क्षेत्र की बंद खदानों से कोयला बाइक, साइकिल और ट्रैक्टर के जरिए करगी मार्ग स्थित डिपो तक पहुंचाया जा रहा है। इसके बाद वहां से ट्रकों में लोड कर बिहार और उत्तर प्रदेश की मंडियों में भेजा जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो प्रतिदिन करीब 45 ट्रक अवैध कोयला जिले से बाहर भेजा जा रहा है। यह पूरा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से संचालित हो रहा है, जिसमें कई इलाकों को जोड़कर सप्लाई चेन तैयार की गई है।
कई थाना क्षेत्रों तक फैला नेटवर्क
अवैध खनन और तस्करी का नेटवर्क बड़कागांव, चरही और मांडू थाना क्षेत्र तक फैल चुका है। इसके अलावा फूलबगान, नोनिया बेड़ा और 44 नंबर खदान क्षेत्र में जेसीबी मशीनों से खुदाई किए जाने की भी चर्चा है। बड़कागांव के चापी और जोरकाठ इलाके से कोयला स्टॉक कर चरही साइडिंग के रास्ते बाहर भेजे जाने की बात सामने आ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय इन इलाकों में भारी गतिविधियां देखी जाती हैं। लगातार कोयला ढुलाई के कारण कई ग्रामीण सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं।
“स्टेट स्पॉन्सर्ड है भ्रष्टाचार” — सांसद मनीष जायसवाल
इधर जिले में बढ़ते अवैध कारोबार को लेकर भाजपा सांसद मनीष जायसवाल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि हजारीबाग में चल रहा अवैध कारोबार केवल स्थानीय स्तर का मामला नहीं, बल्कि “स्टेट स्पॉन्सर्ड” यानी राज्य प्रायोजित भ्रष्टाचार का उदाहरण है।
सांसद ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन की आंखों के सामने कोयले की अवैध तस्करी, प्रतिबंधित सिंगल डिजिट लॉटरी और ड्रग्स का कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि थानों से लेकर चेकपोस्ट तक सब कुछ पहले से सेट रहता है और अवैध कारोबारियों को संरक्षण प्राप्त है।
मनीष जायसवाल ने कहा कि “हजारीबाग अपराध का गढ़ बनता जा रहा है। यहां की पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह सब स्थानीय स्तर पर नहीं हो सकता, इसकी स्क्रिप्ट रांची से लिखी जा रही है।”
सांसद के इस बयान के बाद जिले के प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन और सरकार इन आरोपों पर क्या कदम उठाती है और अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए कौन-सी कार्रवाई होती है।
Author: Rashtriy Samachar
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