पुलिस अधीक्षक ने किया सिविल कोर्ट परिसर का औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
हजारीबाग: जिले में विधि व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक हजारीबाग द्वारा शुक्रवार को सिविल कोर्ट परिसर हजारीबाग का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कोर्ट परिसर में तैनात पुलिस पदाधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था तथा कार्यालय संचालन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की गहन समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कोर्ट परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार, सुरक्षा जांच व्यवस्था, बंदी पेशी व्यवस्था, न्यायालय कक्षों के आसपास सुरक्षा तैनाती तथा आम लोगों की आवाजाही की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को सतर्क एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। साथ ही कोर्ट परिसर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की नियमित जांच सुनिश्चित करने, संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने तथा सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी।
पुलिस अधीक्षक ने सिविल कोर्ट परिसर स्थित पुलिस कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इस दौरान अभिलेख संधारण, ड्यूटी रजिस्टर, लंबित मामलों से संबंधित दस्तावेज, सुरक्षा ड्यूटी रोस्टर सहित अन्य प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने कार्यालय में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को कार्यालय संचालन में पारदर्शिता, समयबद्धता एवं अनुशासन बनाए रखने का निर्देश दिया।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए कई अहम निर्देश
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कहा कि न्यायालय परिसर अत्यंत संवेदनशील स्थल होता है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, बंदी, पुलिसकर्मी एवं आम लोग पहुंचते हैं। ऐसे में यहां सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कोर्ट परिसर में प्रतिनियुक्त पुलिस बल को विशेष रूप से बंदियों की पेशी के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया।
इसके अलावा न्यायालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की नियमित निगरानी, वाहन जांच, संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तत्पर रहने को कहा गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हजारीबाग सिविल कोर्ट का इतिहास
हजारीबाग सिविल कोर्ट जिले की सबसे महत्वपूर्ण न्यायिक संस्थाओं में से एक माना जाता है। यह न्यायालय न केवल हजारीबाग जिले बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए भी न्याय का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐतिहासिक दृष्टि से हजारीबाग का प्रशासनिक और न्यायिक महत्व काफी पुराना रहा है। ब्रिटिश शासनकाल में भी हजारीबाग प्रशासनिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था और उसी दौर में यहां न्यायिक व्यवस्था को मजबूत स्वरूप दिया गया।
समय के साथ सिविल कोर्ट परिसर का विस्तार हुआ और यहां विभिन्न न्यायालयों की स्थापना की गई। वर्तमान में यहां दीवानी, फौजदारी, पारिवारिक एवं अन्य न्यायिक मामलों की सुनवाई होती है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में वादकारी, अधिवक्ता एवं आम नागरिक न्यायालय पहुंचते हैं, जिसके कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन हमेशा सतर्क रहता है।
हाल के वर्षों में न्यायालय परिसरों में सुरक्षा को लेकर देशभर में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसी कड़ी में हजारीबाग पुलिस प्रशासन भी समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा एवं निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठा रहा है, ताकि न्यायालय परिसर में शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण बना रहे।
Author: Rashtriy Samachar
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