Hazaribagh News: आरोग्यम नर्सिंग संस्थान की खास महल जमीन पर प्रशासन सख्त, निर्माण रोकने का आदेश; लीज के दस्तावेज तलब
2008 के बाद लीज नवीनीकरण का रिकॉर्ड नहीं मिलने का उल्लेख, भवन किराए पर देने के अधिकार पर भी मांगा जवाब
हजारीबाग। आरोग्यम इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल के भवन से जुड़ी खास महल की जमीन का मामला एक बार फिर चर्चा में है। उपायुक्त कार्यालय की खास महल शाखा ने जमीन की लीज, भवन निर्माण, किराए पर देने के अधिकार और आवश्यक प्रशासनिक अनुमतियों से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। प्रशासन ने सक्षम प्राधिकारी की अनुमति मिलने तक संबंधित जमीन पर निर्माण कार्य तत्काल रोकने का निर्देश दिया है।
10 अक्टूबर 2026 को जारी नोटिस में संबंधित पक्ष को अंतिम अवसर देते हुए निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक जवाब और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर उपलब्ध सरकारी अभिलेखों के आधार पर आगे की कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
2008 के बाद लीज नवीनीकरण का रिकॉर्ड नहीं
प्रशासनिक नोटिस के अनुसार, चापर गांव में थाना संख्या 135, होल्डिंग नंबर 16 और प्लॉट नंबर 59/82 पर स्थित 0.51 एकड़ यानी 51 डिसमिल जमीन की लीज 1 अप्रैल 2008 तक नवीनीकृत दर्ज है। वहीं, 1 अप्रैल 2008 से 31 मार्च 2038 तक की अवधि के लिए लीज नवीनीकरण का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने का उल्लेख किया गया है।
इसी आधार पर प्रशासन ने संबंधित लीजधारियों से जमीन पर उनके अधिकार और लीज की वर्तमान स्थिति के समर्थन में दस्तावेज मांगे हैं। इस मामले में लीज की वास्तविक स्थिति संबंधित अभिलेखों और प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
भवन किराए पर देने के अधिकार पर भी सवाल
नोटिस में जमीन पर बने एक दो मंजिला और एक एक मंजिला पक्के भवन का उल्लेख है। प्रशासन के अनुसार, इन भवनों को पावर ऑफ अटॉर्नी धारकों के माध्यम से किराए पर दिए जाने की बात सामने आई है।
खास महल शाखा ने भवनों को किराए पर देने के अधिकार और इसके लिए जरूरी प्रशासनिक अनुमति से संबंधित कागजात मांगे हैं। नोटिस में कहा गया है कि संबंधित अनुमतियों के दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण इस मामले में स्पष्टीकरण आवश्यक है।
पहले भी मांगे गए थे दस्तावेज
नोटिस में पूर्व में किए गए पत्राचार का भी उल्लेख किया गया है। कार्यालय ज्ञापन संख्या 464/K.M., दिनांक 16 दिसंबर 2025 के माध्यम से पांच व्यक्तियों से प्राप्त पावर ऑफ अटॉर्नी की प्रतियां मांगी गई थीं। प्रशासन के अनुसार, निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
इसके बाद 18 मई 2026 को कार्यालय ज्ञापन संख्या 148/K.M. जारी कर संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने और जरूरी दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया गया। नोटिस के मुताबिक, इसके बाद भी जवाब नहीं मिलने पर अब अंतिम अवसर दिया गया है।
लीज की शर्तों का हवाला, निर्माण कार्य रोकने का निर्देश
प्रशासन ने नोटिस में लीज की शर्त संख्या 4, 7 और 8A का उल्लेख किया है। इन शर्तों के तहत जमीन पर खुदाई, स्थायी बदलाव, भवन निर्माण अथवा मौजूदा भवन में परिवर्तन के लिए निर्धारित प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति आवश्यक होने की बात कही गई है। निजी आवास के अलावा व्यावसायिक उपयोग से संबंधित शर्तों का भी हवाला दिया गया है।
नोटिस में पूर्व अनुमति के बिना निर्माण कार्य जारी रहने की जानकारी का उल्लेख करते हुए आगे के आदेश तक निर्माण रोकने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, निर्माण से जुड़े सभी तथ्यों और संबंधित पक्ष के स्पष्टीकरण की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
पावर ऑफ अटॉर्नी से लेकर आधार कार्ड तक मांगे दस्तावेज
खास महल शाखा ने संबंधित पक्ष से पांच पावर ऑफ अटॉर्नी धारकों की स्व-अभिप्रमाणित प्रतियां, लीजधारियों के जीवन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की प्रतियां और जमीन पर अधिकार के दावे से जुड़े अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है।
इसके अलावा भवनों को किराए पर देने, निर्माण कराने और भवनों के उपयोग के लिए आवश्यक प्रशासनिक अनुमतियों से संबंधित कागजात भी मांगे गए हैं।
जवाब के बाद स्पष्ट होगी आगे की स्थिति
प्रशासन ने निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब और आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने पर सरकारी अभिलेखों के आधार पर कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। फिलहाल मामला जमीन की लीज की स्थिति, भवनों के उपयोग और निर्माण की अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की जांच से संबंधित है।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि प्रशासनिक नोटिस अपने आप में किसी अंतिम न्यायिक निर्णय या अवैध कब्जे की अंतिम पुष्टि नहीं है। संबंधित पक्ष का जवाब और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
Author: Ashish Yadav
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