हजारीबाग के चरही में अवैध कोयला परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, पांच ट्रक जब्त
15 माइल के पास रातभर लगाया गया एम्बुश, अहले सुबह करीब 2:30 बजे पकड़े गए पांच ट्रक
हजारीबाग। जिले में अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई की है। हजारीबाग के चरही थाना क्षेत्र अंतर्गत 15 माइल के पास अवैध कोयले के परिवहन के विरुद्ध चलाए गए अभियान के दौरान पांच ट्रकों को जब्त किया गया। यह कार्रवाई 22 अक्टूबर की रात से शुरू होकर 23 अक्टूबर 2026 की अहले सुबह तक चली। अभियान के दौरान करीब 2:30 बजे पांच ट्रकों को पकड़ा गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अवैध कोयला खनन, परिवहन एवं भंडारण की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से केऔसुब इकाई एनटीपीसी-सीएमपी, हजारीबाग की ओर से चरही क्षेत्र के 15 माइल के पास विशेष एम्बुश लगाया गया था। सुरक्षा बलों की टीम रात से ही संदिग्ध वाहनों पर नजर रख रही थी। इसी क्रम में 23 अक्टूबर की अहले सुबह लगभग 2:30 बजे पांच ट्रकों को पकड़ा गया।
अवैध कोयला कारोबार पर अंकुश लगाने की पहल
कोयले का अवैध खनन और परिवहन सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ खनिज संसाधनों के नियमन के लिए भी चुनौती माना जाता है। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए संबंधित एजेंसियों की ओर से समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं। चरही के 15 माइल के पास की गई यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा बताई गई है।
इस कार्रवाई का उद्देश्य अवैध रूप से कोयले की ढुलाई करने वाले वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और खनिज परिवहन से जुड़े नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना है।
खान एवं खनिज अधिनियम के तहत कार्रवाई
बताया गया कि यह अभियान खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के संशोधित प्रावधानों के तहत अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाया गया। पांच ट्रकों की जब्ती को इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
हालांकि, जब्त किए गए ट्रकों के मालिकों, चालकों, कोयले की कुल मात्रा, कोयले के स्रोत और आगे की कानूनी कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है। इन बिंदुओं पर आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
चरही के 15 माइल के पास हुई इस कार्रवाई से अवैध कोयला परिवहन में संलिप्त लोगों के बीच सतर्कता बढ़ने की संभावना है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के दौरान कोयले के स्रोत और परिवहन से जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में क्या जानकारी सामने आती है।
Author: Ashish Yadav
खबर वही जो सबको रखे आगे












