फर्नेस ब्लास्ट हादसे के बाद अंबा प्रसाद ने संभाला मोर्चा, 51 लाख मुआवजे का दावा; BJP पर भी लगाए गंभीर आरोप
पतरातू। बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के हेहल स्थित मां छिन्नमस्तिके सीमेंट एंड इस्पात फैक्ट्री के टरबाइन क्षेत्र में हुए फर्नेस ब्लास्ट हादसे के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। हादसे में तीन युवा इंजीनियरों की मौत और एक इंजीनियर के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना के बाद पूर्व विधायक अंबा प्रसाद घटनास्थल पहुंचीं और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप किया।
अंबा प्रसाद ने मृतकों और घायल इंजीनियर के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के अधिकारियों से बातचीत कर मुआवजे और घायल के इलाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
मृतकों के परिजनों को 51-51 लाख और घायल के लिए 30 लाख का दावा
पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के अनुसार, बातचीत और उनके प्रयासों के बाद कंपनी प्रबंधन की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजन को 51 लाख रुपये तथा घायल इंजीनियर के परिजनों को 30 लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी थी।उन्होंने दावा किया कि हादसे के बाद पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए उन्होंने प्रशासन और कंपनी प्रबंधन पर लगातार दबाव बनाया। साथ ही घायल इंजीनियर के बेहतर इलाज के लिए भी आवश्यक पहल की।अंबा प्रसाद ने यह भी कहा कि रामगढ़ के उपायुक्त की ओर से स्पष्ट किया गया था कि कंपनी प्रबंधन द्वारा निर्धारित मुआवजा उपलब्ध कराए जाने तक फैक्ट्री को दोबारा चालू नहीं होने दिया जाएगा।
मुआवजे को लेकर भाजपा पर लगाए आरोप
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि वार्ता और प्रक्रिया पूरी होने के बाद भाजपा की ओर से पीड़ित परिवारों को यह भरोसा दिलाकर बुलाया गया कि स्थानीय भाजपा विधायक की ओर से तय राशि से अधिक मुआवजा दिलाया जाएगाअंबा प्रसाद का दावा है कि इसके बाद परिस्थितियां बदल गईं और मृतकों के परिजनों को कथित तौर पर 30 लाख रुपये ही दिए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कंपनी प्रबंधन 30 लाख रुपये देने को पहले से तैयार था तो फिर 51 लाख रुपये के मुआवजे को लेकर हुई सहमति का क्या हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके प्रयासों और दबाव के बाद कंपनी प्रबंधन प्रत्येक मृतक के परिवार को 51 लाख रुपये देने के लिए तैयार हुआ था।
‘पीड़ित परिवारों के दुख को राजनीति का विषय न बनाया जाए’
पूर्व विधायक ने पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हादसे में अपने परिजनों को खो चुके परिवारों के साथ मुआवजे के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता पीड़ित परिवारों को राहत और न्याय दिलाना होना चाहिए। उन्होंने भाजपा और कंपनी प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए अपने आरोपों की जांच की मांग भी उठाई।
अंबा प्रसाद ने कहा, “मृतकों एवं घायलों के परिवारजनों के साथ भाजपा पार्टी एवं कंपनी प्रबंधन की मिलीभगत से की गई धोखाधड़ी से मुझे बेहद दुख पहुंचा है।” उन्होंने स्थानीय विधायक की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए।
हादसे के बाद मुआवजे और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर
फर्नेस ब्लास्ट की घटना में तीन युवा इंजीनियरों की मौत के बाद अब सबसे बड़ा मुद्दा पीड़ित परिवारों को मिलने वाली सहायता और फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का है। हादसे की परिस्थितियों, सुरक्षा व्यवस्था और मुआवजे से जुड़े सभी दावों की आधिकारिक स्थिति संबंधित प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के बयान के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।
पूर्व विधायक की ओर से लगाए गए आरोपों पर भाजपा और कंपनी प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।कार्यक्रम के दौरान पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष शहजाद अनवर, कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
Author: Ashish Yadav
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