गोला के ब्रह्मपुत्रा प्लांट में खपाया जा रहा अवैध कोयला! दर्जनों ट्रेलरों की सप्लाई पर उठे सवाल, पुलिस-प्रशासन की चुप्पी चर्चा में
रामगढ़/बोकारो:-झारखंड में अवैध कोयला खनन और कारोबार एक बार फिर सुर्खियों में है। बोकारो जिले के महुआटांड़ थाना क्षेत्र से अवैध रूप से निकाले जा रहे कोयले की सप्लाई रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र स्थित एक स्पंज आयरन प्लांट तक किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया में इस कथित अवैध कारोबार को लेकर व्यापक चर्चा है।
जानकारी के अनुसार महुआटांड़ थाना क्षेत्र के धवइया, दूधमटिया और जगेश्वर सहित कई इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन किए जाने की बात कही जा रही है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि खनन के बाद कोयले को विभिन्न स्थानों पर जमा किया जाता है और रात के समय बड़े ट्रेलरों में लोड कर रामगढ़ जिले की ओर भेजा जाता है।
रात के अंधेरे में होती है सप्लाई
क्षेत्रीय चर्चाओं के अनुसार रात 10 बजे के बाद भारी वाहनों के माध्यम से कथित तौर पर कोयले की ढुलाई की जाती है। रजरप्पा मंदिर मार्ग होते हुए ये वाहन गोला थाना क्षेत्र पहुंचते हैं, जहां एक स्पंज फैक्ट्री में कोयला गिराए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि प्रतिदिन दो दर्जन से अधिक ट्रेलर कोयला उक्त फैक्ट्री में पहुंच रहा है।
कई नामों की चर्चा
स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों के नाम भी इस कथित कारोबार से जोड़े जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही संबंधित व्यक्तियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। इसलिए इन दावों को फिलहाल आरोप और चर्चाओं के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल
क्षेत्र में यह सवाल उठ रहा है कि यदि बड़े पैमाने पर अवैध खनन और परिवहन हो रहा है तो संबंधित विभागों और पुलिस प्रशासन की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में कोयले का परिवहन बिना प्रशासनिक जानकारी के संभव नहीं दिखता। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
बारिश के मौसम में बढ़ा हादसों का खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि बरसात के मौसम में अवैध खदानों में दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। बारिश का पानी भरने, खदानों की चाल धंसने और सुरंगनुमा खदानों में जहरीली गैस जमा होने जैसी घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं।
हाल के वर्षों में झारखंड के कई इलाकों में अवैध खनन के दौरान दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। अरगड्डा क्षेत्र में हुई दुर्घटना इसका उदाहरण है, जहां कई लोगों की जान गई थी। इसके बावजूद अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग पाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जांच की मांग
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो अवैध खनन, परिवहन और खरीद-फरोख्त में शामिल सभी लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।


