चतरा में ‘रीलबाजों’ का अड्डा बने थाने! फेसबुक-इंस्टाग्राम पर वीडियो वायरल, थाना प्रभारी ने दी सख्त चेतावनी
चतरा: झारखंड के चतरा जिले में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के प्रतापपुर और कुंदा थाना परिसर में कुछ युवकों द्वारा भोजपुरी गानों पर रील बनाकर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए जाने का मामला सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग की है।स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना परिसर कानून व्यवस्था बनाए रखने और लोगों को सुरक्षा प्रदान करने का केंद्र होता है, लेकिन हाल के दिनों में कुछ लोग इसे सोशल मीडिया कंटेंट बनाने का स्थान समझ बैठे हैं। वायरल वीडियो में कुछ युवक थाना परिसर के अंदर और आसपास भोजपुरी गानों पर रील बनाते दिखाई दे रहे हैं, जिससे पुलिस की छवि प्रभावित हो रही है.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मामले के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बाहरी लोग थाना परिसर के अंदर पहुंचकर वीडियो कैसे बना रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति आसानी से थाना परिसर में प्रवेश कर वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी चिंता का विषय है।
कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि थानों की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है और इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगनी चाहिए। लोगों का मानना है कि सार्वजनिक संस्थानों की मर्यादा को बनाए रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।
थाना प्रभारी ने दिखाई सख्ती
पूरे मामले पर प्रतापपुर थाना प्रभारी आलोक रंजन चौधरी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि थाना परिसर में रील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।थाना प्रभारी ने स्पष्ट कहा कि पुलिस प्रतिष्ठानों की गरिमा और सुरक्षा से किसी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए इस तरह की गतिविधियों से बचें।
सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव से नई चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से लोकप्रिय होने की होड़ में कई युवा सार्वजनिक और संवेदनशील स्थानों पर रील बनाने लगे हैं। इससे न केवल संस्थानों की छवि प्रभावित होती है, बल्कि सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बढ़ जाते हैं।
चतरा में सामने आया यह मामला पुलिस प्रशासन के लिए एक नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि वायरल वीडियो बनाने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
Author: Rashtriy Samachar
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