ब्लॉक कार्यालय में अफसर-कर्मचारी नदारद, जनता परेशान

हजारीबाग:–दोपहर तक भी खाली मिला सदर अंचल कार्यालय,सीओ के केबिन पर लटकता मिला ताला, फोन भी नहीं उठाया,3 साल से म्यूटेशन और एलपीसी के लिए भटक रहे लोग,महिला बोली..पति की मौत के बाद नाम सुधार के लिए लगा रही चक्कर, अधिकारियों की अनुपस्थिति से जनता में आक्रोश, कामकाज ठप!हजारीबाग जिला के सदर अंचल कार्यालय की लापरवाही से आमजनमानस त्रस्त है।
मंगलवार और शुक्रवार को भी कार्यालय में अफसर और कर्मचारी समय पर मौजूद नहीं रहते, जिससे लोगों के जरूरी काम अधर में लटके हुए हैं।आज मंगलवार को दोपहर 1बजे सदर अंचल कार्यालय में अंचल अधिकारी के सीईओ कक्ष में ताला बंद था। अंचल अधिकारी से संपर्क की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन तक नहीं उठाया।एक डॉक्टर मनोज कुशवाहा ने बताया कि वह पिछले 3 साल से ब्लॉक का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन न तो उनका म्यूटेशन हुआ है
और न ही एलपीसी निर्गत की गई है।एक महिला ने कहा कि उनके पति का देहांत हो चुका है। नाम सुधार के लिए वह तीन महीने से ब्लॉक के चक्कर काट रही हैं। बेटी की शादी के लिए जमीन बेचनी है, लेकिन एक अक्षर की गलती सुधारी नहीं जा रही।वहीं दूसरी महिला ने शिकायत की कि उनका मैय्या सम्मान योजना का पैसा पिछले एक साल से लंबित है।
आवेदन और रिसीविंग देने के बावजूद हर बार 10–15 दिन बाद आने को कहा जाता है।जमीन की रसीद, म्यूटेशन, एलपीसी, नाम सुधार और योजनाओं के आवेदन जैसे बुनियादी कामों के लिए लोग महीनों से दौड़ रहे हैं, लेकिन न तो कोई सुनवाई हो रही है और न ही समस्याओं का समाधान।बताते चलें कि हाल ही में सदर अंचल अधिकारी और अंचल विकास पदाधिकारी का स्थानांतरण किया गया है। नए अंचल अधिकारी की पदस्थापना कर दी गई है, लेकिन अंचल विकास पदाधिकारी का पद अब तक रिक्त है।कार्यालय में अफसरों-कर्मचारियों की अनुपस्थिति और कामकाज ठप रहने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जनता सवाल कर रही है कि आखिर उनकी समस्याओं का समाधान कब होगा।

Author: Rashtriy Samachar
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