शीतकालीन सत्र : बालू पर फिर बवाल, सदन की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित

Ranchi: झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल की शुरुआत से ही सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखे। जल नल योजना और अबुआ आवास जैसे मुद्दों पर तीखी बहस हुई, जिसके बाद सदन की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।इससे पहले खरसावां गोलीकांड का मुद्दा उठा। खरसावां विधायक ने शहीदों की पहचान और न्यायिक आयोग के गठन की मांग रखी। जवाब में मंत्री योगेंद्र महतो ने बताया कि आयोग ने ओडिशा और बंगाल जाकर जांच की है और यह स्वीकार किया कि लाखों लोग उस सभा में मौजूद थे। सरकार शहीदों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित करेगी।उधर बालू के मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ।
विधायक सीपी सिंह ने 100 रुपये में 100 सीएफटी बालू देने संबंधी मंत्री के पिछले बयान को भ्रामक बताया। इस पर मंत्री योगेंद्र महतो ने अपना बयान दोहराते हुए कहा— “सरकार गुमराह नहीं कर रही है। यदि सदस्यों को सीएफटी समझ नहीं आता तो मैं स्पष्ट कर दूं कि 100 रुपये में एक ट्रैक्टर बालू मिलेगा।”इस बयान के बाद सदन में शोर-शराबा बढ़ गया। अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद ही हालात सामान्य हो पाए।

Author: Rashtriy Samachar
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