Search
Close this search box.
Search
Close this search box.
Home » क्राइम » बड़कागांव में दिन-रात चल रहा अवैध कोयले का कारोबार, माफियाओं के हौसले बुलंद

बड़कागांव में दिन-रात चल रहा अवैध कोयले का कारोबार, माफियाओं के हौसले बुलंद

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

बड़कागांव में दिन-रात चल रहा अवैध कोयले का कारोबार, माफियाओं के हौसले बुलंद।

हजारीबाग :जिले में अवैध कोयला खनन और तस्करी का धंधा अब किसी छिपी हुई गतिविधि तक सीमित नहीं रह गया है। सरकारी कोल परियोजनाओं के समानांतर बेखौफ तरीके से फल-फूल रहा यह अवैध कारोबार प्रशासनिक व्यवस्था के लिए खुली चुनौती बन चुका है।बड़कागांव प्रखंड के चपरी,गोंदलपुरा,रजहर और आसपास के इलाकों में दिन-दहाड़े कोयले की तस्करी हो रही है, जिससे पुलिस और खनन विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

दिन के उजाले में ट्रैक्टरों से कोयले की तस्करी।

स्थानीय ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए फोटो और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह ट्रैक्टरों और छोटे वाहनों के जरिए अवैध रूप से निकाला गया कोयला खुलेआम ढोया जा रहा है।यह नज़ारा दिन के समय आम लोगों के सामने होता है, जिससे यह प्रतीत होता है कि इस अवैध धंधे को कहीं न कहीं संरक्षण प्राप्त है।भारी मुनाफे के लालच में अब दूसरे व्यवसाय से जुड़े लोग भी इस कारोबार में कूद पड़े हैं।

हर दिन 500 टन से अधिक अवैध खनन।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हजारीबाग जिले में प्रतिदिन 500 टन से अधिक कोयले का अवैध खनन किया जा रहा है।यह कोयला मुख्य रूप से स्थानीय मंडियों और ईंट-भट्ठों में खपाया जाता है। अवैध खनन का यह संगठित नेटवर्क आंगो, चुरचू, बड़कागांव और केरेडारी के जंगली क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सक्रिय है।इन इलाकों के जंगलों में दर्जनों अवैध खदानें संचालित हो रही हैं, जहां मजदूरों से बिना किसी सुरक्षा मानक के कोयला निकलवाया जा रहा है। माफिया लगातार नई खदानें खोद रहे हैं, जिससे पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।

जंगलों में बने हैं डंपिंग ठिकाने।

कोयला माफियाओं ने जंगलों के भीतर ही कई गुप्त डंपिंग यार्ड बना रखे हैं, जहां खनन के बाद कोयले को इकट्ठा किया जाता है। प्रमुख डंपिंग साइटों में आंगो का मोहनपुर, चुरचू क्षेत्र, चरही के चनारो, बड़कागांव का गोंदलपुरा, रजहर, मोतरा घाटी के पास का जंगल और केरेडारी का बुचाडीह जंगल शामिल हैं।

टर्बो ट्रकों से होती है बड़ी सप्लाई।

इन डंपिंग ठिकानों से कोयले को टर्बो ट्रकों में लोड कर बड़े पैमाने पर सप्लाई किया जाता है।विशेषकर केरेडारी और बड़कागांव दक्षिण क्षेत्र से निकला अवैध कोयला आसपास के दर्जनों ईंट-भट्ठों तक पहुंचाया जा रहा है। इतना ही नहीं, माफियाओं की मजबूत साठगांठ के चलते यह अवैध कोयला पड़ोसी राज्य बिहार की मंडियों तक भी धड़ल्ले से भेजा जा रहा है।

प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल।

दिन के उजाले में चल रहे इस अवैध कारोबार ने प्रशासनिक उदासीनता को उजागर कर दिया है।स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सब कुछ सबकी नजरों के सामने हो रहा है, तो आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही..?अवैध खनन से जहां सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है,वहीं जंगल,जमीन और स्थानीय लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और खनन विभाग इस गंभीर मामले में कब और कितनी सख्त कार्रवाई करता है, या फिर कोयला माफियाओं के हौसले इसी तरह बुलंद बने रहेंगे।

Rashtriy Samachar

Author: Rashtriy Samachar

खबर वही जो सबको रखे आगे

Leave a Comment

Rashtriy Samachar हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

और खबरें

अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, राहुल गांधी ने नहीं किया हस्ताक्षर?

अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, राहुल गांधी ने नहीं किया हस्ताक्षर? टीएमसी के रुख पर सस्पेंस बरकरार नई दिल्ली:लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के

उपायुक्त ने अक्षय पात्रा फाउंडेशन, डेमोटांड़ का किया औचक निरीक्षण

उपायुक्त ने अक्षय पात्रा फाउंडेशन, डेमोटांड़ का किया औचक निरीक्षण व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के दिए स्पष्ट निर्देश हजारीबाग:उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने मंगलवार को

झारखंड से वैश्विक मंच तक: Amazon India के कंट्री हेड समीर कुमार की प्रेरक कहानी

झारखंड से वैश्विक मंच तक: Amazon India के कंट्री हेड समीर कुमार की प्रेरक कहानी ये हैं समीर कुमार—Amazon India के कंट्री हेड। राष्ट्रीय समाचार

विश्व भर की महाशक्तियों में सत्ता पर हैं Right Wing पार्टी, क्या हैं इसके पीछे संभावित कारण…..?

दक्षिणपंथ का उभार: वैश्विक राजनीति से भारत तक बदलती धारा अवैध प्रवासन, शरणार्थियों और लंबे समय से बसे अल्पसंख्यकों के बीच का अंतर अक्सर राजनीतिक

Live Cricket

error: Content is protected !!