ईरान तनाव के बीच ट्रंप पर सियासी घमासान, 25वें संशोधन की मांग तेज
नई दिल्ली: ईरान के साथ बढ़ते तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया बयानबाजी के बाद अमेरिका की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कई सांसदों और नेताओं ने ट्रंप को पद से हटाने के लिए अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन को लागू करने की मांग उठाई है।दरअसल, विवाद की शुरुआत ट्रंप द्वारा ईरान को लेकर दिए गए कड़े और विवादित बयानों के बाद हुई। डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ-साथ कुछ पूर्व रिपब्लिकन नेताओं का भी मानना है कि ऐसी बयानबाजी अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है और इससे वैश्विक सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है।
नेताओं ने उठाए गंभीर सवाल
कई अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप की मानसिक स्थिति और निर्णय क्षमता पर भी सवाल उठाए हैं। एरिजोना की कांग्रेसवुमन यासमीन अंसारी ने आरोप लगाया कि ट्रंप “खतरनाक और गैर-कानूनी युद्ध को भड़का रहे हैं।”वहीं, मिनेसोटा की इल्हान उमर और अन्य नेताओं ने भी 25वें संशोधन को लागू करने की मांग दोहराई है।कुछ नेताओं ने तो यहां तक कहा कि स्थिति को देखते हुए सत्ता का हस्तांतरण जरूरी हो सकता है, ताकि संभावित नुकसान को रोका जा सके।
क्या है 25वां संशोधन?
अमेरिका का 25वां संविधान संशोधन (1967) राष्ट्रपति के पद और अधिकारों से जुड़ी असाधारण परिस्थितियों के लिए बनाया गया प्रावधान है।
- यदि राष्ट्रपति अपनी जिम्मेदारियां निभाने में असमर्थ माने जाते हैं, तो
- उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के बहुमत की सहमति से उन्हें पद से हटाया जा सकता है।
- ऐसी स्थिति में उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति बन जाते हैं।
यह संशोधन राष्ट्रपति की मृत्यु, इस्तीफा या अक्षमता की स्थिति में सत्ता के सुचारू हस्तांतरण को सुनिश्चित करता है।
क्या ट्रंप को हटाना संभव है?
अब तक 25वें संशोधन का इस्तेमाल किसी राष्ट्रपति को उनकी इच्छा के विरुद्ध स्थायी रूप से हटाने के लिए नहीं किया गया है। आमतौर पर इसका उपयोग अस्थायी रूप से अधिकार सौंपने के मामलों में हुआ है।फिलहाल, कुछ सांसदों की मांग के बावजूद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस या कैबिनेट की ओर से ऐसा कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है कि वे इस दिशा में कदम उठाने जा रहे हैं।ऐसे में यह मुद्दा राजनीतिक बहस तक सीमित है या आगे कोई संवैधानिक कार्रवाई होती है—इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
Author: Rashtriy Samachar
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