बुढ़वा महादेव मंदिर निर्माण विवाद में खूनी संघर्ष, कांडतरी और गुरुचट्टी के ग्रामीणों के बीच जमकर पत्थरबाजी, 15 घायल
हजारीबाग/बड़कागांव। बड़कागांव के ऐतिहासिक एवं सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल बुढ़वा महादेव में मंदिर निर्माण को लेकर चल रहा विवाद रविवार, 8 नवंबर 2026 को हिंसक झड़प में बदल गया। मंदिर निर्माण के मुद्दे पर कांडतरी और गुरुचट्टी गांव के ग्रामीण आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी और मारपीट हुई। इस घटना में करीब 15 लोगों के घायल होने की सूचना है, जबकि आधा दर्जन लोगों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। इनमें 5 से 6 लोगों को बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर किए जाने की जानकारी मिली है।
जानकारी के अनुसार, बुढ़वा महादेव मंदिर बड़कागांव प्रखंड के कांडतरी पंचायत अंतर्गत मोहदी पहाड़ पर स्थित है। यहां मुख्य मंदिर के निर्माण को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस संबंध में एक दिन पूर्व ही थाने में आवेदन भी दिया गया था। इसके बावजूद रविवार सुबह करीब 11 बजे विवाद ने उग्र रूप ले लिया।
बताया जाता है कि बड़कागांव ब्लॉक मोड़ के समीप दोनों गांवों के ग्रामीण मंदिर निर्माण के विवाद को लेकर आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से जमकर पत्थरबाजी शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक घटनास्थल पर अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा। पथराव में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए।
थाना प्रभारी की पहल से शांत हुआ मामला
घटना की सूचना मिलते ही बड़कागांव पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने पुलिस बल के साथ दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया। वहीं, मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने भी हालात का जायजा लिया। लगभग आधे घंटे के भीतर स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया।
मौके पर बड़कागांव अंचल अधिकारी मनोज कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी जितेंद्र कुमार, थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह सहित सशस्त्र पुलिस बल के जवान मौजूद रहे।
दोषियों पर होगी कार्रवाई : थाना प्रभारी
थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। घटना में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि त्योहार के समय सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और अशांति फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने आम लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और बिना तथ्यों की पुष्टि किए सोशल मीडिया पर कोई भी भ्रामक सूचना प्रसारित न करें। ऐसा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
हैरानी की बात : दोनों पक्षों में कई लोग आपस में रिश्तेदार
इस पूरे विवाद में सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि दोनों पक्षों के बीच झड़प में शामिल कई लोग आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद मंदिर निर्माण के विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि मामला पत्थरबाजी और मारपीट तक पहुंच गया।
फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया है। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन सतर्क है।
Author: Ashish Yadav
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