कानफोड़ू साइलेंसर लगाने वालों की अब खैर नहीं! बड़कागांव में पुलिस की सख्ती शुरू, थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने खुद खुलवाया मॉडिफाइड साइलेंसर
तेज आवाज से आम लोगों को परेशान करने वाले बाइक चालकों को पुलिस की चेतावनी, नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कड़ी कार्रवाई
बड़कागांव। सड़कों पर तेज और कानफोड़ू आवाज निकालने वाली बाइक चलाकर आम लोगों की परेशानी बढ़ाने वालों के खिलाफ अब बड़कागांव पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। दोपहिया वाहनों में कंपनी के निर्धारित मानकों के विपरीत मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर फर्राटा भरने वाले चालकों पर पुलिस की कार्रवाई शुरू हो गई है। इस दिशा में बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने स्वयं पहल करते हुए कार्रवाई का संदेश दिया है।
इसी क्रम में थाना प्रभारी ने तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगी यामाहा आर-15 बाइक को थाना परिसर में मंगवाया और उसका मॉडिफाइड साइलेंसर खुलवाया। पुलिस की इस कार्रवाई से उन बाइक चालकों में स्पष्ट संदेश गया है, जो अपनी बाइक से अनावश्यक तेज आवाज निकालकर सड़कों पर लोगों को परेशान करते हैं।
थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बड़कागांव क्षेत्र में तेज और अनावश्यक आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे वाहन न केवल ध्वनि प्रदूषण फैलाते हैं, बल्कि बुजुर्गों, बच्चों, मरीजों, विद्यार्थियों और आम राहगीरों के लिए भी परेशानी का कारण बनते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आगे भी इस तरह के वाहन जांच के दौरान पकड़े जाने पर संबंधित चालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने क्षेत्र के सभी दोपहिया वाहन चालकों से अपील की कि वे अपनी बाइक में कंपनी द्वारा निर्धारित मानक के अनुरूप साइलेंसर का ही इस्तेमाल करें। जिन लोगों ने शौक या दिखावे के लिए तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगवा रखे हैं, वे तत्काल उन्हें हटाकर मानक के अनुरूप साइलेंसर लगवा लें। अन्यथा पुलिस जांच के दौरान पकड़े जाने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
थाना प्रभारी की पहल की हो रही सराहना
बड़कागांव थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह की इस पहल को आम लोगों की सुविधा, सड़क पर अनुशासन और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है। अक्सर तेज आवाज वाले साइलेंसर से स्थानीय लोगों को परेशानी होती है, लेकिन इस समस्या पर कार्रवाई की पहल से लोगों में सकारात्मक संदेश गया है। पुलिस की यह सक्रियता बताती है कि छोटी दिखने वाली जनसमस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है।
स्थानीय स्तर पर ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहने से न केवल अनावश्यक शोर पर अंकुश लगेगा, बल्कि लोगों को शांतिपूर्ण वातावरण में रहने में भी मदद मिलेगी। जरूरत है कि वाहन चालक भी अपनी जिम्मेदारी समझें और सड़क पर दूसरों की सुविधा एवं सुरक्षा का ध्यान रखते हुए यातायात नियमों का पालन करें।
Author: Ashish Yadav
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