अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, राहुल गांधी ने नहीं किया हस्ताक्षर?

टीएमसी के रुख पर सस्पेंस बरकरार

नई दिल्ली:लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष की ओर से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। यह प्रस्ताव समाजवादी पार्टी और द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके) के समर्थन से पेश किया गया। हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर विपक्षी दलों के बीच एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं।सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों ने भी अब तक नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए और न ही प्रस्ताव को औपचारिक समर्थन दिया।टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि पार्टी चाहती है कि इंडिया ब्लॉक के सभी सहयोगी दल पहले लोकसभा अध्यक्ष को संबोधित एक संयुक्त पत्र पर हस्ताक्षर करें। इस पत्र में उन चार प्रमुख बिंदुओं को स्पष्ट रूप से रखा जाना चाहिए, जिनके आधार पर अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा है।

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा,“अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस को स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने में कोई आपत्ति नहीं है। हमारे सभी 28 सांसद इस पर हस्ताक्षर करेंगे। लेकिन उससे पहले हम चाहते हैं कि इंडिया ब्लॉक के सभी सहयोगी दल स्पीकर को संबोधित पत्र पर हस्ताक्षर करें, जिसमें प्रस्ताव के पीछे के चार बुनियादी तर्क स्पष्ट रूप से दर्ज हों।”फिलहाल, अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विपक्षी खेमे में रणनीति और समन्वय को लेकर मंथन जारी है।आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि इंडिया ब्लॉक इस मुद्दे पर कितनी मजबूती से एकजुट होकर आगे बढ़ता है।
Author: Rashtriy Samachar
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