छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : कोमल कुमारी

हजारीबाग :झारखंड सरकार एवं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा छात्रों के साथ किए जा रहे वर्तमान व्यवहार पर गहरा अफसोस व्यक्त करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता कोमल कुमारी ने कहा कि आयु सीमा को लेकर लिए जा रहे निर्णय लाखों मेहनती और योग्य छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल रहे हैं। यह महज़ एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की उम्मीदों और युवाओं के सपनों से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है।कोमल कुमारी ने कहा कि झारखंड राज्य गठन के बाद से अब तक प्रतियोगी परीक्षाएँ नियमित रूप से आयोजित नहीं की गईं, जिसके कारण छात्रों को पहले ही पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाए। ऐसे में अब आयु सीमा में किसी भी प्रकार की राहत न देना छात्रों के साथ अन्यायपूर्ण रवैया है।उन्होंने कहा कि वर्षों से छात्र मेहनत कर रहे हैं, अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष तैयारी में लगा चुके हैं, लेकिन सरकारी लापरवाही और विलंबित निर्णयों का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। आज लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।कोमल कुमारी ने माननीय मुख्यमंत्री, JPSC के अध्यक्ष तथा कार्मिक विभाग के सभी संबंधित सचिवों और अधिकारियों से आग्रह किया कि वे इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लें और छात्रों के हित में आयु सीमा में उचित छूट प्रदान करने हेतु ठोस निर्णय लें।उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी हैं और इस मुद्दे पर हर संभव प्रयास जारी रहेगा।

Author: Rashtriy Samachar
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