108 एंबुलेंस रिश्वतखोरी विवाद में नया मोड़, डिजिटल सबूतों से बढ़ी गंभीरता

रांची:झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कथित रिश्वतखोरी विवाद में एक नया और अहम तथ्य सामने आया है। इस मामले में खबर प्रकाशित होने के बाद राष्ट्रीय समाचार की टीम से बातचीत में संबंधित कंपनी ने दावा किया है कि यह पूरा प्रकरण 5 फरवरी 2025 से पहले का है। कंपनी के अनुसार, उस समय 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन किसी अन्य एजेंसी द्वारा किया जा रहा था और वर्तमान एजेंसी का इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है।हालांकि, दूसरी ओर सामने आए डिजिटल दस्तावेज इस दावे से मेल नहीं खाते। उपलब्ध UPI ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड में जिन पैसों की कथित रूप से मांग की गई और जो राशि भेजी गई, उनकी तारीख 5 फरवरी 2025 के बाद की दर्ज है। इन रिकॉर्ड्स में भुगतान की तिथि, ट्रांजैक्शन आईडी और भुगतान का माध्यम स्पष्ट रूप से अंकित है।डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह संकेत मिलता है कि कथित रिश्वतखोरी का मामला वर्तमान संचालन काल से जुड़ा हो सकता है। ऐसे में यह विवाद अब केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुख्ता डिजिटल सबूतों के सामने आने से इसकी गंभीरता और बढ़ गई है।मामले में समयरेखा को लेकर उठे सवालों के बाद अब जांच की मांग तेज हो गई है। यदि डिजिटल रिकॉर्ड की पुष्टि होती है, तो 108 एंबुलेंस सेवा के वर्तमान संचालन पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो सकते हैं।

Author: Rashtriy Samachar
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