अशोक पिपरवार क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण, रोजगार और उगाही को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश

ग्रामीणों ने दलालों पर ROM के नाम पर अवैध वसूली का लगाया आरोप, केंद्र सरकार तक शिकायत की चेतावनी

खलारी,पिपरवार: पिपरवार क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ अशोक पिपरवार क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण, रोजगार और अवैध वसूली को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीण रूपेश कुमार भोगता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कई चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं।रूपेश कुमार भोगता ने बताया कि अशोक पिपरवार क्षेत्र द्वारा उनके पूरे मौजा की जमीन अधिग्रहित कर ली गई, लेकिन इसके बदले न तो उचित मुआवजा मिला और न ही रोजगार। क्षेत्र में R.O.M (रन–ऑफ–माइन) स्थापित होने के बावजूद भी स्थानीय रैयतों को नौकरी नहीं दी जा रही है।

ग्रामीणों ने दलालों पर लगाया वसूली का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग रोजगार दिलाने के नाम पर ROM से अवैध वसूली कर रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से—महेंद्र गंजु (पाहन टोंगरी),न्यू मंगरदाह के ताज मियां और आशिक मियां,बेंती के प्रेम ठाकुर तथा अन्य कुछ लोग शामिल बताए गए हैं।रूपेश कुमार भोगता का आरोप है कि इन लोगों द्वारा कई वर्षों से ROM के नाम पर प्रति टन पैसे वसूले जा रहे हैं, जबकि बेरोजगार ग्रामीणों को आज तक रोजगार नहीं मिला है। ग्रामीणों से यह भी कहा जाता है कि ROM का पैसा —अशोका पियो, मैनेजर, जीएम, CISF और पुलिस को दिया जाता है, इसलिए ग्रामीणों के हिस्से में कुछ नहीं बचता।
215 रुपये प्रति टन की वसूली का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार, ROM के नाम पर 215 रुपये प्रति टन तक वसूला जा रहा है। वसूली का इंतजाम अब टेढ़ी पुल के आगे किया जाता है, जहाँ से पुलिस तक को हिस्सा देने की बात कही जाती है।रूपेश कुमार भोगता ने बताया कि वे स्वयं 200 टन कोयला लगाते हैं, और उनसे भी यह अवैध शुल्क लिया गया है।
खनन से घर में दरारें और आग की समस्या
प्रभावित ग्रामीण ने यह भी कहा कि सीसीएल के खनन कार्य के कारण उनके घर के नीचे आग लग गई है, जिससे घर गिरने की स्थिति में पहुँच गया है और पूरा परिवार डर के साये में रहने को मजबूर है। इसके बावजूद ROM में रोजगार तक नहीं दिया गया, जबकि ROM स्थापना का उद्देश्य स्थानीय रैयतों को प्राथमिकता देना था।
केंद्र सरकार तक शिकायत की चेतावनी
ग्रामीण रूपेश कुमार भोगता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि—
यदि शीघ्र ही प्रभावित रैयतों को रोजगार नहीं दिया गया, तो वे इस मामले को केंद्र सरकार तक ले जाएंगे।उन्होंने कहा कि ROM स्थानीय रैयतों के अधिकार के लिए स्थापित किया गया है, न कि कुछ दलालों के लिए कमाई का जरिया।
ग्रामीणों में गुस्सा, कार्रवाई की मांग
पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस अवैध वसूली के खिलाफ जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन देने के बाद भी उनका भविष्य अंधेरे में है, और अब अवैध वसूली का बोझ भी उन पर डाला जा रहा है।
Author: Rashtriy Samachar
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