ढ़ोठवा पंचायत के गुरी गांव में दो साल से चल रहा अवैध गिट्टी क्रेशर, ग्रामीणों में बढ़ी चिंता और रोष

हजारीबाग/कटकमसांडी:ढ़ोठवा पंचायत के गुरी गांव में पिछले दो वर्षों से अवैध रूप से संचालित हो रहा गिट्टी क्रेशर ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी और खतरे का कारण बन गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि हइसाकुदार गांव के प्रकाश कुमार यादव द्वारा संचालित यह क्रेशर प्रतिदिन 14–15 ट्रैक्टरों में गिट्टी की ढुलाई करता है, जिसके कारण गांव की सड़कों पर दिनभर भारी वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि ट्रैक्टर और अन्य भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से बच्चों व बुजुर्गों के लिए सड़क पर चलना भी मुश्किल हो गया है। दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है, जिसके कारण लोग दहशत में जी रहे हैं।

धूल और प्रदूषण से बिगड़ा वातावरण

ग्रामीणों का कहना है कि क्रेशर से उड़ने वाली कंकरनुमा धूल गांव भर में फैल जाती है, जिससे वातावरण अत्यधिक प्रदूषित हो चुका है। घरों और पेड़-पौधों पर मोटी परत जम जाती है।
कई ग्रामीण सांस, खांसी और आंखों में जलन जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह अवैध गतिविधि अब उनके स्वास्थ्य पर सीधे असर डाल रही है।
माइनिंग विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पहले माइनिंग विभाग की टीम ने इलाके में अभियान चलाया और दो अवैध क्रेशरों को बंद कराया, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से गुरी गांव के इस क्रेशर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इससे ग्रामीणों में विभागीय मिलीभगत की आशंका गहराती जा रही है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खनन विभाग से मांग की है कि इस अवैध क्रेशर पर तुरंत रोक लगाई जाए और गांव को प्रदूषण व दुर्घटना के खतरे से राहत दिलाई जाए।
अब देखना यह है कि प्रशासन की नजर इस अवैध क्रेशर तक कब पहुंचती है और कब तक ग्रामीणों को न्याय मिलता है
Author: Rashtriy Samachar
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